योगासन

वृक्षासन : मानसिक तनाव को दूर करने के लिए करे योगासन

इससे पैरों की स्थिरता और मजबूती का विकास होता है। यह कमर और कुल्हों के आस पास जमीं अतिरिक्त चर्बी को हटाता है तथा दोनों ही अंग इससे मजबूत बने रहते हैं। इस सबके कारण इससे मन का संतुलन बढ़ता है। मन में संतुलन होने से आत्मविश्वास और एकाग्रता का विकास होता है। इसे निरंतर करते रहने से शरीर और मन में सदा स्फूर्ति बनी रहती है।

विधि : 

पहले सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं। फिर दोनों पैरों को एक दूसरे से कुछ दूर रखते हुए खड़े रहें और फिर हाथों को सिर के ऊपर उठाते हुए सीधाकर हथेलियों को मिला दें। इसके बाद दाहिने पैर को घुटने से मोड़ते हुए उसके तलवे को बाईं जांघ पर टिका दें।

इस स्थिति के दौरान दाहिने पैर की एड़ी गुदाद्वार-जननेंद्री के नीचे टिकी होगी।बाएं पैर पर संतुलन बनाते हुए हथेलियां, सिर और कंधे को सीधा एक ही सीध में रखें। एकाग्र रहते हुए संतुलन बनाए रखने की कोशिश करें। सामान्य गति से सांस लेना और सामने दिख रही किसी एक चीज़ पर ध्यान केन्द्रित करना इस मुद्रा को बनाए रखने में आपकी मदद करेंगे।

योग में ऐसा माना जाता है कि अगर आपका दिमाग एकाग्र न हो तो शरीर भी स्थिर नहीं रहेगा। तो जितना आपका मस्तिष्क आपके काबू में होगा उतनी ही आसानी से आप यह आसन कर पाएंगे। इस आसन के लिए कुर्सी या दीवार का सहारा लेने की कोशिश न करें।

सावधानी :

यदि आपके घुटनों या पीठ में चोट हो तो किसी प्रशिक्षित योग्कर्मी के निरीक्षण में ही यह आसन करें।

About the author

Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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