आरती संग्रह

ब्रहस्पतिवार व्रत की आरती

ब्रहस्पतिवार व्रत की आरती (Brihaspativar vrat ki Aarti in hindi Mp3)

ॐ जय ब्रह्स्पति देवा, जय ब्रह्स्पति देवा |

छिन छिन भोग लगाऊ फल मेवा ||

तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतर्यामी |

जगत पिता जगदीश्वर तुम सबके स्वामी || ॐ

चरणामृत निज निर्मल, सब पातक हर्ता |

सकल मनोरथ दायक, किरपा करो भर्ता || ॐ

तन, मन, धन अर्पणकर जो शरण पड़े |

प्रभु प्रकट तब होकर, आकर द्वार खड़े || ॐ

दीन दयाल दयानिधि, भक्तन हितकारी |

पाप दोष सभ हर्ता,भाव बंधन हारी || ॐ

सकल मनोरथ दायक,सब संशय तारो |

विषय विकार मिटाओ संतन सुखकारी || ॐ

जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे |

जेष्टानंद बन्द सो सो निश्चय पावे || ॐ

ब्रहस्पतिवार  वर्त की विधि इस प्रकार है:

— इस दिन ब्रह्स्पतेश्वर महादेव जी की पूजा होती है |

— दिन में एक समय ही भोजन करें |

— पीले वस्त्र धारण करें, पीले पुष्पों को धारण करें |

— भोजन भी चने की दाल का होना चाहिए |

— नमक नहीं खाना चाहिए |

— पीले रंग का फूल, चने की दाल, पीले कपडे तथा पीले चन्दन से पूजा करनी चाहिए |

— पूजन के बाद कथा सुननी चाहिए |

— इस व्रत से ब्रहस्पति जी खुश होते है तथा धन और विद्या का लाभ होता है |

— यह व्रत महिलाओ के लिए अति आवश्यक है |

— इस व्रत मे केले का पूजन होता है |

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Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.

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