योगासन

वीरभद्रासन : जंघाओं व पुष्टिका को ताक़तवर बनाने के लिए करे योगासन

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वीरभद्रासन 1 :

इसका शाब्दिक अर्थ है योद्धाओं वाली मुद्रा, यह आसन आपकी पीठ को स्ट्रेच करता है और आपकी जंघाओं, पुष्टिका और पेट को मज़बूत करता है। यह आपकी एकाग्रता को बढ़ाता है Iऔर आपकी छाती को फैलाता है ताकि आप बेहतर ढंग से सांस ले सकें। यह शरीर की अवांछित चर्बी को कम करता है।

विधि : 

चटाई पर दोनों पैर साथ रखकर और हाथों को अपने बगल में रखकर खड़े हो जाएं। अब अपने दाएं पैर को आगे की और बाधाएं और बाएँ पैर को पीछे की तरफ। अब आराम से अपने दाएं घुटने को मोड़ें ताकि आप धक्का मारने वाली मुद्रा में आ सकें। अपने धड़ को मुड़े हुए दाएं पैर की ओर ट्विस्ट करें।

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अपने बाएँ पैर को बदल की ओर थोड़ा सा मोड़ें(लगभग 400-600)  ताकि आपको अतिरिक्त सपोर्ट मिले)। सांस छोड़ें, अपनी बाँहें सीधी करें और शरीर को मुड़े हुए घुटने से ऊपर की ओर उठाएं। अपनी बांहों को ऊपर स्ट्रेच करें और धड़ को धीरे से पीछे की और टिल्ट (झुकाएं) करें ताकि आपकी पीठ धनुष का आकार ले सके।

इस मुद्रा में तब तक रहें जब तक आप इसके साथ सहज हैं। सामान्य गति से सांस लें। इस आसन से बाहर आने के लिए सांस छोड़ें और अपने दाएं घुटने को सीधा करें। अब अपने दाएं पैर को मूल स्थिति में ले आएं। अपने हाथों की मदद से पूर्ववत स्थिति में आएं। जल्दबाजी न करें अन्यथा आपकी पीठ या पैर चोटिल हो सकते हैं। इसी आसन को दूसरे पैर के लिए दोहराएं।

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सावधानी : 

यदि आप उच्च रक्तचाप के शिकार हैं, घुटनों या पीठ में दिक्कत है तो कृपया यह आसन किसी योग प्रशिक्षक के निरीक्षण में ही करें।

वीरभद्रासन 2 :

यह आसन वीरभद्रासन 1 का ही दूसरा हिस्सा है। यह आसन आपकी पीठ, जंघाओं, पेट और ह्रदय की पेशियों को मज़बूत करता है।

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विधि : 

वीरभद्रासन 1 वाले चरणों का अनुसरण करें, पर हाथों को सर से ऊपर उठाने के बजाय इस बार अपने धड़ को इस तरह ट्विस्ट करें कि आपका शरीर बगल की ओर इंगित हो और अपने हाथों को दोनों तरफ उठाएं (आपकी उंगलियाँ खुली होनी चाहिए और दोनों तरफ फैले हुए आपके बाएँ और दाएं पैर के समानान्तर होने चाहिए)। अब अपना सर घुमाएं ताकि आप उसी और देख रहे हों जिस और आपका दायाँ हाथ है। पूरी प्रक्रिया को बाएँ पैर के लिए दोहराएं।

सावधानी : 

यदि आप डायरिया से पीड़ित हैं तो यह आसन न करें।

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About the author

Pandit Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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