यात्रा

उपयोगी जानकारी : मानसरोवर यात्रा

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वस्त्र और उपस्कर

कैलाश-मानसरोवर 16,000 से 19,500 फीट की उँचाई पर स्तिथ है| भारतीय तीर्थयात्रा का मौसम मानसून (जून- सितम्बर) का  है| तथापि, उच्चतर पहाड़ों पर कम बरसात होती है| उँचाई पर मौसम परिवर्तनशील और जोखिम-भरा होता है| दिन के दौरान सूरज गरम होता है| और त्त्वचा को नुकसान हो सकता है| उनी कपड़े और विंड चीटर्स ठंडी हवाओं का सामना करने के लिए आवश्यक है| वस्त्र हल्के , विंड-प्रूफ,वॉटर-रिपेलेंट और गरम होने चाईए| प्रत्येक यात्री को निम्नलिखित समान साथ ले जाने का परामर्श किया जाता है|

 

 विंड -प्रूफ जॅकेट -1,  स्वेटर-2 पूरी बाजू,  मंकी कैप-1, उनी और चमडे के दस्ताने -1 जोड़ा प्रत्येक  ,उनी /कॉटन लॉंग जोन्स-2 जोड़े,  उनी जुराब-4 जोड़े, कॉटन की जुराबें -4 जोड़े,  जीन्स/पेंट-3, शॉट्स-2, शर्ट/टी शर्ट-6, चेन सहित अच्छी किस्म के धूप के चश्मे-1, हंटिंग /मार्चीग जुटे-2 जोड़े,  धूप से बचने के लिए स्ट्रॉ हॅट-1, पानी की बोतल-1,  दो अतिरिक्त सेट सेल और बल्ब के साथ टॉर्च लाइट-1, बड़ा रेन कोट -1, कॅमरा /धनराशि/ दवाइयों / कागजात के लिए बेल्ट पाउच-1, सामान के वॉटर प्रूफिंग के लिए बड़ी प्लास्टिक शीट-1, प्लेट /मग/ चम्मच-1 सेट,  टायलेट पेपर, सन बर्न से बचाव के लिए सन क्रीम लोशन-1, मोमबत्ती, माचिस की डिब्बी/लाइटर बहुउद्देश्या चाकू-1,  रबर के स्लीपर्स-1,  जिप के साथ कॅनवस बॅग (सूटकेस की अनुमति नहीं है),  वॉकिंग स्टिक,  एक बेडशीट और तकिया का कवर व्यक्तिगत स्वचछता के लिए (मॅट्रेस,क्विल्ट /स्लीपिंग बॅग सभी कॅंप में उपलब्ध कारावाए करवाए जाते हेँ ), कॅमरा| प्रत्येक यात्री निजी प्रयोग हेतु खाद्य सामग्री ले जा सकता है: कुमाओं मंडल विकास निगम नाश्ता ; दोपहर तथा रात्रि का भोजन,  और दिन में दो बार चाय की आपूर्ति करता है| निम्नलिखित की अनुशंसा की गयी है: बिस्कुट मीठा /नमकीन,  सूखे फल,  लेमन ड्रॉप , चॉकलेट ,  टॉफी, सूप पाउडर,  चीज़ क्यूब , चूयिंगगम,  तत्काल पेय (इंस्टेंट ड्रिंक),  एलेकट्राल / ग्लूकोस | परिक्रमा के दौरान प्रयोग हेतु सामान्य सामग्री (अथार्त चाइनईज़ साइड से यात्रा करने पर): चाइनईज़ साइड से भोजन केवल तकलाकोट में ठहरने के दौरान उपलब्‍ध करवाया जाता है|अत: 9 दिनों के लिए चाइनीस साइड में प्रयोग करने हेतु खाद्य सामग्री अपने साथ ले जायें| वे अपनी सुविधा के लिए दिल्ली से ख़रीदकर साथ ले जाएँ|तीर्थ यात्रिओं का प्रत्येक समूह संयुक्त रूप से खरीदारी कर सकता है|सामग्री या तो पहले से पकी अंशत:, पहले से पकी हुई या पकाने में आसानी होनी चाईए | जहाँ तक संभव हो भोजन तरल रूप में लिया जाए| उच्च तुंगता पर खाना पकाने में अधिक समय लगता है| अनुशंसा की गई सामग्री हैं: आटा, चावल, दाल, सोयाबीन बड़ी, न्यूडल्स ,  सूप पॅकेट , पहले से पकी हुई सूजी, उपमा पॅकेट,  पहले से पकी हुई सब्जी एवम दाल के डिब्बे, सलाद, मसाले,  दूध पाउडर / कनडेन्स मिल्क, चीनी,  कॉर्न फ्लेक्स /ज़ई /दलिया,क़ॉफ़ी /बोर्नविटा, सूजी या हलवा बनाने के लिए पहले से भूना हुआ रवा, घी, हवन व पूजा हेतु पूजा सामग्री |

खाने का सामान

परिक्रमा के दौरान प्रयोग हेतु सामान्य सामग्री(अर्थात चाइनईज़ साइड से यात्रा करने पर): चाइनईज़ साइड से भोजन केवल तकलाकोट में ठहरने के दौरान उपलब्ध करवाया जाता है|अत: 9 दिनों के लिए चाइनीस साइड में प्रयोग करने हेतु खाद्य सामग्री अपने साथ ले जायें| वे अपनी सुविधा के लिए दिल्ली से ख़रीदकर साथ ले जाएँ|तीर्थ यात्रिओं का प्रत्येक समूह संयुक्त रूप से ख़रीदकर साथ ले जाएँ|तीर्थयात्रिओं का प्रत्येक समूह संयुक्त रूप से खरीदारी कर सकता है| सामग्री या तो पहले से पकी हुई/ अंशत: , पहले से पकी हुई या पकाने में आसान होनी चाईए| जहाँ तक संभव हो भोजन तरल रूप में लिया जाए| उच्च तुंगता पर खाना पकाने में अधिक समय लगता है| अनुशंसा की गई सामग्री हैं: आटा,चावल,दाल,सोयाबीन बड़ी,नूडल्स , सूप पॅकेट, पहले से पकी हुई सूजी, उपमा पॅकेट, पहले से पकी हुई सब्जी एवम दाल के डिब्बे, सलाद , मसाले , दूध पाउडर /कॉंडेन्स मिल्क, चीनी, कॉर्न फ्लेक्स / ज़ई /दलिया, क़ॉफ़ी /बौर्नवीटा,सूजी या हलवा बनाने के लिए पहले से भुना हुआ रवा,घी,हवन व पूजा हेतु पूजा सामग्री|

कैमरा

जो एक कैमरा ले जाना चाहतें हैं वे ऐसा कर सकते हेँ|एक कागज़ पर यात्री का नाम और बेच नंबर, कैमरा / वीडियो कैमरा के मेक और सीरियल नंबर ब्योरे के साथ टाइप होना चाईए और विदेश मंत्रालय के प्राधिकारियों को सोपा जाए| कैमरा को चीन के भीतर ले जाया जा सकता है या कोई विशेष अनुमति आवश्यक नहीं है| चुंकि उच्चतर तुंगताओं पर साव की गति तीव्रतर है, अत: अतिरिक्त बॅटरीया साथ ले जानी चाईए | धारचूला तक, सीमित अवधि के लिए , बॅटरी रीचार्ज करने के लिए पॉवर सुप्पलाई है, जो तकलाकोट पर भी उपलब्ध है| कैलाश मानसरोवर यात्रा के संचालन के दौरान भातिसी पोलिस की ज़िम्मेदारी 1:- तीर्थयात्रिओं का विस्त्तत चितिक्सा जाँच तीर्थयात्रा प्रारम्भ होने से पहले भातिसी पोलिस के बेस अस्पताल नई दिल्ली में किया जाता है | 2:- गुँजी से तीर्थयात्रिओं को सुरक्षा प्रदान करवाना | 3:- तीर्थयात्रिओं की उँचाई की दृष्टि को मध्यनज़र रखते हूए भातिसी पोलिस के चिकित्सा अधिकारिओ का एक दल गुँजी में चितिक्सा जाँच करता है| 4:- गुँजी से लिपुलेख पास एवम वापसी में लिपुलेख से गुँजी तक सुरक्षा , चिकित्सा एवम संचार की व्यवस्था उपलब्ध करवाना | 5:- इस तीर्थ यात्रा के साथ जुड़ी अगेन्सियों के साथ समन् 6:-प्राकृतिक एवम किसी भी आपदा की स्तिथि को निबटने के लिए हमेशा तैयार रहना | वय एवम मेल मिलाप करना|

यह यात्रा प्रतिवर्ष विदेश मंत्रालय द्वारा जून से सितंबर तक आयोजित की जाती है। प्रत्येक भारतीय नागरिक जो धार्मिक प्रयोजन से कैलाश मानसरोवर यात्रा जाने चाहते हैं, उनके लिए भारतीय पासपोर्ट अनिवार्य है।

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Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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