ओशो भजन

तुम्हारे दर्शन की बेला

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तुम्हारे दर्शन की बेला (Tumhare Darshan ki bela bhajan in hindi Mp3)

तुम्हारे दर्शन की बेला, ये मौसम रास रचाने का।

लिए उल्लास की सांसें, समय मस्ती में जीने का।।

कभी साकार ओशो के अंग-संग होता था कीर्तन;

अब निराकार ओशो की नजर में जारी है धड़कन।

कभी नयनों से देखा था, बंद आंखों से अब दर्शन;

सुने थे तुम से मधुर वचन, अभी चलता है मौन श्रवण।।

 तुम्हारी े आँखों की ज्योति जला गई जोत अंतस में;

तुम्हारी अमृत सी वाणी डुबा गई हम को अन हद में।

तुम्हारे सतरंगी चोले अरूप की झलक दिखाते हैं;

इशारे हाथों के प्यारे हरि का चांद दिखाते हैं।

 सगुन में अटक रहें है भक्त, भटक ते निर्गुन में ज्ञानी;

मध्य में तुमने हमें सुनाई अनहद की अमृत वाणी।

तुम्हारे दर्शन में संतो का, प्रभु का होता है दर्शन;

तुम्हारी ओशो धारा में नहा नित होते हम पावन।


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Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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