प्रसिद्ध हिंदी भजन

तुम बसी हो कण कण अंदर

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Written by Aaditi Dave

तुम बसी हो कण कण अंदर (Tum Basi ho Kan kan Aander Bhajan in hindi Mp3)

तुम बसी हो कण कण अंदर माँ, हम ढूढंते रह गये मंदिर में |

हम मूढमति हम अनजाने माँ सार, तुम्हारा क्या जाने || तुम बसी…….

तेरी माया को ना जान सके, तुझको ना कभी पहचान सके |

हम मोह की निंद्रा सोये रहे, माँ इधर उधर ही खोये रहे |

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तू सूरज तू ही चंद्रमा, हम ढूढंते रह गये मंदिर में || तुम बसी हो कण कण अंदर

हर जगह तुम्हारे डेरे माँ, कोइ खेल ना जाने तेरे माँ |

इन नैनों को ना पता लगे, किस रुप में तेरी ज्योत जगे |

तू परवत तु ही समंदर माँ, हम ढूढंते रह गये मंदिर में || तुम बसी हो कण कण अंदर

कोइ कहता तुम्ही पवन में हो, और तुम्ही ज्वाला अगन में हो |

कहते है अंबर और जमी, तुम सब कुछ हो हम कुछ भी नहीं

फल फुल तुम्ही तरुवर माँ, हम ढुढंते रह गये मंदिर में || तुम बसी हो कण कण अंदर

तुम बसी हो कण कण अंदर माँ, हम ढुढंते रह गये मंदिर में |

हम मूढमति हम अज्ञानी, माँ सार तुम्हारा क्या जाने ||

About the author

Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.

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