मीराबाई भजन

सुणो जी म्हांरो अरजी

meera-bai

तुम सुणो जी म्हांरो अरजी।

भवसागर में बही जात हूं काढ़ो तो थांरी मरजी।

इण संसार सगो नहिं कोई सांचा सगा रघुबरजी॥

मात-पिता और कुटम कबीलो सब मतलब के गरजी।

मीरा की प्रभु अरजी सुण लो चरण लगावो थांरी मरजी॥

Search Kare

सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली पोस्ट

bhaktisanskar-english

Subscribe Our Youtube Channel