Category - पुराण

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गरुड़ पुराण कथा और सार – संसार के प्रत्येक व्यक्ति को जानना है अत्यंत आवश्यक

Garud Puran in Hindi with PDF Download : गरुड़ पुराण (Garud mahapuran) हिन्दू धर्म के प्रसिद्ध धार्मिक ग्रंथों में से एक है। वैष्णव सम्प्रदाय से सम्बन्धित ‘गरुड़ पुराण‘ हिन्दू धर्म  में मृत्यु के बाद सद्गति प्रदान करने वाला माना जाता है। इसलिये सनातन हिन्दू धर्म में मृत्यु के बाद ‘गरुड पुराण’ के श्रवण का प्रावधान है। इस पुराण के अधिष्ठातृ देव भगवान विष्णु  हैं। अठारह पुराणों में ‘गरुड़ महापुराण‘ का अपना एक......

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मार्कण्डेय पुराण : संन्यास के बजाय गृहस्थ जीवन में निष्काम कर्म से होगा उद्धार

मार्कण्डेय पुराण’ आकार में छोटा है। इसके एक सौ सैंतीस अध्यायों में लगभग नौ हज़ार  Shlok  हैं। मार्कण्डेय ऋषि द्वारा इसके कथन से इसका नाम ‘मार्कण्डेय पुराण’ पड़ा। यह पुराण वस्तुत: दुर्गा चरित्र एवं Durga Saptshati के वर्णन के लिए प्रसिद्ध है। इसीलिए इसे शाक्त सम्प्रदाय का पुराण कहा जाता है। Puran के सभी लक्षणों को यह अपने भीतर समेटे हुए है। इसमें ऋषि ने मानव कल्याण हेतु सभी तरह के नैतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और भौतिक विषयों का......

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शिव महा पुराण – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष रूपी चारों पुरुषार्थों को देने वाला

Shiv Maha Puran in Hindi : शिव का अर्थ है कल्याण। शिव के महात्मय से ओत-प्रोत से यह पुराण शिव महापुराण के नाम से प्रसिद्ध है। भगवान शिव पापों का नाश करने वाले देव हैं तथा बड़े सरल स्वभाव के हैं। इनका एक नाम भोला भी है। अपने नाम के अनुसार ही बड़े भोले-भाले एवं शीघ्र ही प्रसन्न होकर भक्तों को मनवाँछित फल देने वाले हैं। 18 पुराणों में कहीं शिव पुराण तो कहीं वायु पुराण का वर्णन आता है। ‘शिव पुराण‘ का सम्बन्ध शैव मत से है। इस पुराण में......

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मत्स्य पुराण – पापों से मुक्त हो बैकुंठ धाम तक पहुचने का मार्ग

मत्स्य पुराण अष्टादश पुराणों में से एक मुख्य पुराण है। इसमें 14 हजार श्लोक एवं 291 अध्याय है। भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से सम्बद्ध होने के कारण यह पुराण मत्स्य पुराण कहलाता है। भगवान ने मत्स्यावतारी महात्म्य के द्वारा राजा वैवश्वत मनु तथा सप्त ऋषियों को जो कल्याणकारी उपदेश दिये, वही मत्स्य पुराण है। मत्स्य पुराण कथा सार प्रलय काल से पूर्व मनु महाराज कृत माला नदी में स्नान करने गये। सन्घ्या वन्दन करते हुये मनु सूर्य को अर्ग दे रहे थे तो उनके......

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अग्नि पुराण – जीवन की गूढ़ विद्याओ के रहस्य का भंडार

अग्नि पुराण ज्ञान का विशाल भण्डार है। स्वयं अग्निदेव ने इसे महर्षि वसिष्ठ को सुनाते हुए कहा था- आग्नेये हि पुराणेऽस्मिन् सर्वा विद्या: प्रदर्शिता: अर्थात ‘अग्नि पुराण‘ में सभी विद्याओं का वर्णन है। आकार में लघु होते हुए भी विद्याओं के प्रकाशन की दृष्टि से यह पुराण अपना विशिष्ट महत्त्व रखता है। इस पुराण में तीन सौ तिरासी (383) अध्याय हैं। गीता, अध्यात्म रामायण,महाभारत,‘हरिवंश पुराण‘ आदि का परिचय इस पुराण में है। परा-अपरा......

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वामन पुराण – विष्णु नहीं शैव पुराण कथा का व्याख्यान करता है

वामन पुराण’ (Vaman Puran) नाम से तो वैष्णव पुराण लगता है, क्योंकि इसका नामकरण विष्णु के ‘वामन अवतार’ के आधार पर किया गया है, परन्तु वास्तव में यह शैव पुराण है। इसमें शैव मत का विस्तारपूर्वक वर्णन प्राप्त होता है। यह आकार में छोटा है। कुल दस हज़ार श्लोक इसमें बताए जाते हैं, किन्तु फिलहाल छह हज़ार श्लोक ही उपलब्ध हैं। इसका उत्तर भाग प्राप्त नहीं है। इस पुराण में पुराणों के सभी अंगों का यथोचित वर्णन किया गया है। इसकी प्रतिपादन......

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ब्रह्म पुराण – सत् चित् आनन्द स्वरूप कथा श्रवण से होगी विष्णुलोक की प्राप्ति

ब्रह्मपुराण को गणना की दष्ष्टि से प्रथम माना जाता है। इस पुराण में साकार ब्रह्म की उपासना का विधान है। ब्रह्मपुराण में भगवान श्रीकष्ष्ण को ब्रह्म स्वरूप माना गया है। उनके चरित्र का निरूपण होने के कारण यह पुराण ब्रह्म पुराण कहा जाता है। ब्रह्म पुराण में कथा वक्ता स्वयं ब्रह्माजी एवं श्रोता मरीचि ऋषि हैं। सूर्य की उपासना इस पुराण का प्रतिपाद्य विषय है। ब्रह्मपुराण ब्रह्ममयी है तथा सत् चित् आनन्दस्वरूप है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष को प्रदान करने......

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विष्णु पुराण कथा सार – भगवान् विष्णु की महिमा का अद्भुत दर्शन

Vishnu Puran | विष्णु पुराण अठारह  ‘Puran‘ में ‘Vishnu Puran ‘ का आकार सबसे छोटा है। किन्तु इसका महत्त्व प्राचीन समय से ही बहुत अधिक माना गया है। संस्कृत विद्वानों की दृष्टि में इसकी भाषा ऊंचे दर्जे की, साहित्यिक, काव्यमय गुणों से सम्पन्न और प्रसादमयी मानी गई है। अष्टादश पुराणों में विष्णु पुराण का एक विशिष्ट स्थान है। इसमें भगवान विष्णु के चरित्र का विस्तष्त वर्णन है। इसके रचियता ब्यास जी के पिता पराशर जी हैं। विष्णु......

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श्री मद्भागवत पुराण कथा और सार – श्री कृष्णा के अवतारों का अलौकिक वर्णन

Bhagvat Puran in Hindi Download PDF :  इस कलिकाल में ‘श्रीमद्भागवत पुराण’ (Shrimad Bhagvat Puran) हिन्दू समाज का सर्वाधिक आदरणीय पुराण है, सैकड़ों वर्षों से यह पुराण हिन्दू समाज की धार्मिक, सामाजिक और लौकिक मर्यादाओं की स्थापना में महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता आ रहा हैं। यह वैष्णव सम्प्रदाय का प्रमुख ग्रन्थ है। इस ग्रन्थ में वेदों, उपनिषदों तथा दर्शन शास्त्र के गूढ़ एवं रहस्यमय विषयों को अत्यन्त सरलता के साथ निरूपित किया गया है। इसे भारतीय धर्म......

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लिंग पुराण – जीव से शिवमय होने का सरलतम मार्ग, मृत्यु कष्ट से मिलेगी मुक्ति

Ling Puran (लिंग पुराण) शैव सम्प्रदाय का पुराण है। ‘लिंग‘ का अर्थ शिव की जननेन्द्रिय से नहीं अपितु उनके ‘पहचान चिह्न’ से है, जो अज्ञात तत्त्व का परिचय देता है। इस पुराण में लिंग का अर्थ विस्तार से बताया गया है। यह पुराण प्रधान प्रकृति को ही लिंग रूप मानता है- प्रधानं प्रकृतिश्चैति यदाहुर्लिंगयुत्तमम्। गन्धवर्णरसैर्हीनं शब्द स्पर्शादिवर्जितम् ॥ (लिंग पुराण 1/2/2) कथा भाग : ‘लिंग पुराण‘ का कथा भाग ‘shiv......

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