Category - कुण्डलिनी चक्र

कुण्डलिनी चक्र

चक्रों के प्रतीकात्मक वैदिक नाम

वैदिक साहित्ये में मानव -शरीर -गत मूलाधार आदि चक्रो के नाम प्रतीकात्मक वैदिक नाम या संकेत मन्त्र 'भू:', 'भुव:', आदि सस महाव्यहतियो के रूप में है ! yog के आचार्ये 'भू:', 'भुव:', आदि सस महायावतियो के रूप में है ! योग के आचार्ये 'भू:', नाम से मूलाधार ', 'भुव:', से......

कुण्डलिनी चक्र

शरीर में सन्निहित शक्ति-केंद्र या चक्र

आपके अंदर जो सुषुप्त केंद्र हैं उनको विकसित करने के किये श्रृंगार होता है । हमारे शरीर में सात केंद्र हैं। १) मूलाधार केंद्र :  जन्म से लेकर सात साल तक मूलाधार......

कुण्डलिनी चक्र

कुण्डलिनी जागरण के लक्षण व लाभ

कुंडलिनी जागरण के  hindu spirituality लाभ की अभिव्यक्ति शब्दो में तो नहीं की जा सकती ! हाँ, इतना अवशय कहा जा सकता है की यह एक पूर्ण आनंद की स्थिति होती है ! इस स्थिति को प्राप्त करने के......

कुण्डलिनी चक्र

देह में स्थित पंचकोश

पञ्च कोश क्या हैं इनके विषय में क्या और कहाँ किसी सिद्ध महत्मा द्वारा लिखा गया है । पञ्च कोश जागरण चक्रों का जागरण कैसे हो सकता है ? किसी खगोलीय पिण्ड,ग्रह, उपग्रह की स्थिति......

कुण्डलिनी चक्र

कुण्डलिनी चालीसा

श्री कुण्डलिनी चालीसा सिर सहस्त्रदल कौ कमल , अमल सुधाकर ज्योति | ताकि कनिका मध्य में , सिंहासन छवि होति || शांत भाव आनंदमय , सम चित विगत विकार | शशि रवि अगिन त्रिनेत्रयुत , पावन......

कुण्डलिनी चक्र

प्राण के प्रकार

प्राण साक्षात Lord Brahma से अथवा प्रकर्ति रुपए माया से उत्पन हे प्राण गत्यात्मका सदा गतिक वायु में पाई जाती हे अतः गोनी वर्ती से वायु को प्राण कह देते हे शरीरगत स्थानभेद से एक ही......

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कुण्डलिनी शक्ति

pranayama | meditation techniques | mental peace | spiritual | yogasan | yoga meditationकुण्डलिनी योग अंतर्गत शक्तिपात विधान का वर्णन अनेक ग्रंथों में मिलता है । Yog वशिष्ठ, तेजबिन्दूनिषद्, योग चूड़ामणि, ज्ञान संकलिनी......

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