Category - आध्यात्म

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

माँ ब्रह्मचारिणी के मंत्र, भजन, कवच और ध्यान मंत्र

माँ ब्रह्मचारिणी भजन Mp3जय माँ ब्रह्मचारिणी, ब्रह्मा को दिया ग्यान। नवरात्रे के दुसरे दिन सारे करते ध्यान॥ शिव को पाने के लिए किया है तप भारी। ॐ नमो शिवाय जाप कर शिव की बनी......

योग

जानिए त्राटक द्वारा आज्ञाचक्र ध्‍यान साधना विधि और सावधानिया

आज्ञाचक्र ध्‍यान साधना (Aagya Chakra Dhyan Sadhna)जिसे हम ध्‍यान कहते है वो आज्ञा चक्र ध्‍यान ही है मगर इसको सीधे ही करना लगभग असम्‍भव है उसके लिये साधक को पहले त्राटक करना चाहिये और......

योगासन

सूर्य नमस्कार : शरीर को सही आकार देने और मन को शांत व स्वस्थ रखने का उत्तम तरीका

सूर्य नमस्कार क्या है  (Surya Namaskar in hindi) सूर्य नमस्कार योगासनों में सर्वश्रेष्ठ प्रक्रिया है। ‘सूर्य नमस्कार’ का शाब्दिक अर्थ सूर्य को अर्पण या नमस्कार करना है। यह योग आसन......

योग

योग निद्रा करने की विधि और आध्यात्मिक लाभ

योग निद्रा और योगासन योगासन अभ्यास शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाते हैं। योग निद्रा इस ऊर्जा को संरक्षित एवं समेकित करती हैं जिससे शरीर व मन को विश्राम मिलता है। योग निद्रा......

योगासन

कपालभाति प्राणायाम : जानिए करने की विधि, लाभ और सावधानियाँ

कपाल=माथा; भाती= चमकने वाला; प्राणायाम = साँस लेने की प्रक्रिया यह एक शक्ति से परिपूर्ण साँस लेने का प्राणायाम है जो आपको वज़न कम करने में मदद करता है और आपके पूरे शरीर को......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

शिव मंत्र पुष्पांजली तथा सम्पूर्ण पूजन विधि और मंत्र श्लोक

PlayStop Xशिव मंत्र | Lord Shiva Mantra कर्पूर गौरमं कारुणावतारं, संसार सारम भुजगेंद्र हारम | सदा वसंतां हृदयारविंदे, भवम भवानी साहितम् नमामि ||मंगलम......

योग

जानिए सोने के लिए (निंद्रा) कोनसा तरीका आध्यात्मिक दृष्टि से सर्वोत्तम है

पश्चिम दिशा में पैर करके सोने का तरीका (Sound sleep by Spiritual Exercise) : शांत निद्रा कैसे लें, इस लेख में हम अध्ययन करेंगे कि पश्चिम दिशा में पैर करके सोना सबसे उत्तम सोने का तरीका कैसे होता......

योग

सद्गुरु जग्गी वासुदेव के अनुसार मानसिक तनाव, डिप्रेशन, बेचैनी जैसी बीमारियां के है ये प्रमुख कारण

Depression in Hindi : पिछली पीढ़ी की तुलना में इस पीढ़ी में डिप्रेशन के मामलों में अचानक उछाल आया है। मानसिक तनाव, डिप्रेशन, बेचैनी जैसी कई बीमारियां आज काफी बढ़ गई हैं। हमारी पिछली पीढ़ी......

उपनिषद

माण्डूक्योपनिषद : के अनुसार समस्त भूत भविष्य और वर्तमान ओमकार (ओउम) मे ही निहित है

माण्डूक्योपनिषद हे देवगण! हम कानों से कल्याणमय वचन सुने। यज्ञ कर्म में समर्थ होकर नेत्रों से शुभ दर्शन करें तथा अपने स्थिर अंग और शरीरों से स्तुति करने वाले हम लोग देवताओं......

उपनिषद

प्रश्नोपनिषद : महर्षि पिप्पलाद और ६ ऋषियों के बीच हुवे आध्यात्मिक प्रश्नोत्तरी का संकलन

१ शान्तिपाठ ॐ भद्रं कर्नेभि श्रृणुयाम देवा भद्रं पश्येमाक्षभिर्यजत्रा:। स्थिरैरंगैस्तुष्टुवासस्नुभिर्व्यशेम देवहितं यदायु॥ ॐ शान्तिः! शान्तिः......

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