आरती संग्रह

श्री सालासर हनुमान आरती

Salasar Hanuman

श्री सालासर हनुमान आरती (Shri Salasar Hanuman ji Aarti in hindi Mp3)

जयति जय जय बजरंग बाला, कृपा कर सालासर वाला ॥

चैत सुदी पूनम को जन्मे, अंजनी पवन खुशी मन में ।

प्रकट भए सुर वानर तन में, विदित यश विक्रम त्रिभुवन में ।

दूध पीवत स्तन मात के, नजर गई नभ ओर ।

तब जननी की गोद से पहुंच, उदयाचल पर भोर ।

अरुण फल लखि रवि मुख डाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …

तिमिर भूमण्डल में छाई, चिबुक पर इंद्र वज्र बाए ।

तभी से हनुमत कहलाए, द्वय हनुमान नाम पाए ।

उस अवसर में रुक गयो, पवन सर्व उन्चास ।

इधर हो गयो अंधकार, उत रुक्यो विश्व को श्वास ।

भए ब्रह्मादिक बेहाला ।। कृपा कर सालासर वाला …

देव सब आए तुम्हारे आगे, सकल मिल विनय करन लागे ।

पवन कू भी लाए सांगे, क्रोध सब पवन तना भागे ।

सभी देवता वर दियो, अरज करी कर जोड़ ।

सुनके सबकी अरज गरज, लखि दिया रवि को छोड़ ।

हो गया जग में उजियाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …

रहे सुग्रीव पास जाई, आ गए वन में रघुराई ।

हरी रावण सीतामाई, विकल फिरते दोनों भाई ।

विप्र रूप धरि राम को, कहा आप सब हाल ।

कपि पति से करवाई मित्रता, मार दिया कपि बाल ।

दुःख सुग्रीव तना टाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …

आज्ञा ले रघुपति की धाया, लंक में सिंधु लांघ आया ।

हाल सीता का लख पाया, मुद्रिका दे वनफल खाया ।

वन विध्वंस दशकंध सुत, वध कर लंक जलाय ।

चूड़ामणि संदेश सिया का, दिया राम को आय ।

हुए खुश त्रिभुवन भूपाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …

जोड़ी कपि दल रघुवर चाला, कटक हित सिंधु बांध डाला ।

युद्ध रच दीन्हा विकराला, कियो राक्षसकुल पैमाला ।

लक्ष्मण को शक्ति लगी, लायौ गिरी उठाय ।

देइ संजीवन लखन जियाए, रघुबर हर्ष सवाय ।

गरब सब रावन का गाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …

रची अहिरावन ने माया, सोवते राम लखन लाया।

बने वहां देवी की काया, करने को अपना चित चाया ।

अहिरावन रावन हत्यौ, फेर हाथ को हाथ ।

मंत्र विभीषण पाय आप को, हो गयो लंका नाथ ।

खुल गया करमा का ताला ।। कृपा कर सालासर वाला …

अयोध्या राम राज्य कीना, आपको दास बना दीना ।

अतुल बल घृत सिंदूर दीना, लसत तन रूप रंग भीना ।

चिरंजीव प्रभु ने कियो, जग में दियो पुजाय ।

जो कोई निश्चय कर के ध्यावे, ताकी करो सहाय ।

कष्ट सब भक्तन का टाला ॥ कृपा कर सालासर वाला …

भक्तजन चरण कमल सेवे, जात आत सालासर देवे ।

ध्वजा नारियल भोग देवे, मनोरथ सिद्धि कर लेवे ।

कारज सारों भक्त के, सदा करो कल्याण ।

विप्र निवासी लक्ष्मणगढ़ के, बालकृष्ण धर ध्यान ।

नाम की जपे सदा माला ॥ कृपा कर सालासर वाला …

About the author

Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma’s Devotional Facts at Only One Roof.

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