मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

हनुमान सहस्त्र नाम

hanuman-naam

हनुमान सहस्त्र नामावली

हनुमत्सहस्त्र नामावलीविनियोगः ॐ अस्य श्रीहनुमत्सहस्त्रनामस्तोत्रमन्त्रस्य ब्रह्मा ऋषिः

हनुमान देवता, अनुष्टुप छन्द, ह्रां बीजं श्रीं शक्ति, श्रीहनुमत्प्रीत्यर्थंतद्सहस्त्रनामभिरमुकसंख्यार्थ पुष्पादिद्रव्य समर्पणे विनियोगः। 

ध्यानःध्यायेद् बालदिवाकरद्युतिनिभ देवारिदर्पापहंदेवेन्द्रमुखप्रशा्तयकसं देदीप्यमान रुचा। 

सुग्रीवादिसमतवानरयुतं सुव्यक्ततत्त्वप्रियंसंरक्तारुणलोचनं पवनजं पीताम्बरालंकृतम्।।

उद्यदादित्यसंकाशमुदारभुजविक्रमम्।कन्दर्पकोटिलावण्य सर्वविद्याविशारदम्।।

श्रीरामहृदयानन्दं भक्तकल्पमहीरुहम्।अभयं वरदं दोर्म्मा चिन्तयेन्मारुतात्मजम्।।

ॐ हनुमते नमः | ॐ श्री प्रदाय नमः | ॐ वायु पुत्राय नमः | ॐ रुद्राय नमः |

ॐ अनघाय नमः | ॐ अजराय नमः | ॐ अमृत्यवे नमः | ॐ वीरवीराय नमः |

ॐ ग्रामावासाय नमः | ॐ जनाश्रयाय नमः | ॐ धनदाय नमः | ॐ निर्गुणाय नमः |

ॐ अकायाय नमः | ॐ वीराय नमः | ॐ निधिपतये नमः | ॐ मुनये नमः |

ॐ पिंगाक्षाय नमः | ॐ वरदाय नमः | ॐ वाग्मीने नमः ।ॐ सीताशोकविनाशाय नमः |

ॐ शिवाय नमः | ॐ शर्वाय नमः | ॐ पराय नमः | ॐ अव्यक्ताय नमः |

ॐ व्यक्ताव्यक्ताय नमः | ॐ रसाधराय नमः | ॐ पिंगकेशाय नमः | ॐ पिंगरोमम्णे नमः ।

ॐ श्रुतिगम्याय नमः | ॐ सनातनाय नमः | ॐ अनादये नमः | ॐ भगवते नमः |

ॐ देवाय नमः | ॐ विश्वहेतवे नमः | ॐ निरामयाय नमः | ॐ आरोग्यकर्त्रे नमः ।

ॐ विश्वेशाय नमः | ॐ विश्वनाथाय नमः | ॐ हरीश्वराय नमः | ॐ भर्गाय नमः |

ॐ रामाय नमः | ॐ रामभक्ताय नमः | ॐ कल्याणाय नमः | ॐ प्रकृतिस्थिराय नमः |

ॐ विश्वम्भराय नमः | ॐ विश्वमूर्तये नमः | ॐ विश्वाकाराय नमः | ॐ विश्वदाय नमः |

ॐ विश्वात्मने नमः | ॐ विश्वसेव्याय नमः | ॐ विश्वाय नमः | ॐ विश्वराय नमः |

ॐ रवये नमः | ॐ विश्वचेष्टाय नमः | ॐ विश्वगम्याय नमः | ॐ विश्वध्येयाय नमः |

ॐ कलाधराय नमः | ॐ प्लवंगमाय नमः | ॐ कपिश्रेष्टाय नमः | ॐ ज्येष्ठाय नमः ।

ॐ विद्यावते नमः | ॐ वनेचराय नमः | ॐ बालाय नमः | ॐ वृद्धाय नमः | ॐ यूने नमः ।

ॐ तत्त्वाय नमः | ॐ तत्त्वगम्याय नमः | ॐ सख्ये नमः | ॐ अजाय नमः |

ॐ अन्जनासूनवे नमः | ॐ अव्यग्राय नमः | ॐ ग्रामख्याताय नमः | ॐ धराधराय नमः |

ॐ भूर्लोकाय नमः | ॐ भुवर्लोकाय नमः ।ॐ स्वर्लोकाय नमः | ॐ महर्लोकाय नमः |

ॐ जनलोकय नमः | ॐ तपसे नमः | ॐ अव्ययाय नमः | ॐ सत्ययाय नमः |

ॐ ओंकारगम्याय नमः | ॐ प्रणवाय नमः | ॐ व्यापकाय नमः | ॐ अमलाय नमः |

ॐ शिवाय नमः | ॐ धर्मप्रतिष्ठात्रे नमः ।ॐ रामेष्टाय नमः | ॐ फाल्गुणप्रियाय नमः |

ॐ गोष्पदिने नमः | ॐ कृतवारीशाय नमः | ॐ पूर्णकामाय नमः | ॐ धराधिपाय नमः |

ॐ रक्षोघ्नाय नमः | ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः | ॐ शरणागतवत्सलाय नमः |

ॐ जानकीप्राणदात्रे नमः | ॐ रक्षःप्राणहारकाय नमः | ॐ पूर्णाय नमः ।ॐ सत्याय नमः|

ॐ पीतवाससे नमः ।ॐ दिवाकरसमप्रभाय नमः | ॐ देवोद्यानविहारीणे नमः ।

ॐ देवताभयभञ्जनाय नमः ।ॐ भक्तोदयाय नमः ।ॐ भक्तलब्धाय नमः ।

ॐ भक्तपालनतत्पराय नमः ।ॐ द्रोणहर्षाय नमः ।ॐ शक्तिनेत्राय नमः ।ॐ शक्तये नमः |

ॐ राक्षसमारकाय नमः | ॐ अक्षघ्नाय नमः | ॐ रामदूताय नमः |

ॐ शाकिनीजीवहारकाय नमः | ॐ बुबुकारहतारातये नमः |ॐ गर्वाय नमः |

ॐ पर्वतमर्दनाय नमः | ॐ हेतवे नमः | ॐ अहेतवे नमः | ॐ प्रांशवे नमः |

ॐ विश्वभर्ताय नमः ।ॐ जगद्गुरवे नमः | ॐ जगन्नेत्रे नमः ।ॐ जगन्नथाय नमः |

ॐ जगदीशाय नमः | ॐ जनेश्वराय नमः | ॐ जगद्धिताय नमः ।ॐ हरये नमः |

ॐ श्रीशाय नमः | ॐ गरुडस्मयभंजनाय नमः | ॐ पार्थध्वजाय नमः | ॐ वायुपुत्राय नमः |

ॐ अमितपुच्छाय नमः | ॐ अमितविक्रमाय नमः | ॐ ब्रह्मपुच्छाय नमः |

ॐ परब्रह्मपुच्छाय नमः | ॐ रामेष्टकारकाय नमः | ॐ सुग्रीवादियुताय नमः |

ॐ ज्ञानिने नमः ।ॐ वानराय नमः | ॐ वानरेश्वराय नमः | ॐ कल्पस्थायिने नमः ।

ॐ चिरंजीविने नमः ।ॐ तपनाय नमः | ॐ सदाशिवाय नमः | ॐ सन्नताय नमः |

ॐ सद्गते नमः | ॐ भुक्तिमुक्तिदाय नमः | ॐ कीर्तिदायकाय नमः | ॐ कीर्तये नमः |

ॐ कीर्तिप्रदाय नमः | ॐ समुद्राय नमः | ॐ श्रीप्रदाय नमः | ॐ शिवाय नमः |

ॐ भक्तोदयाय नमः ।ॐ भक्तगम्याय नमः ।ॐ भक्तभाग्यप्रदायकाय नमः ।

ॐ उदधिक्रमणाय नमः | ॐ देवाय नमः | ॐ संसारभयनाशनाय नमः |

ॐ वार्धिबंधनकृदाय नमः ।ॐ विश्वजेताय नमः ।ॐ विश्वप्रतिष्ठिताय नमः | ॐ लंकारये नमः |

ॐ कालपुरुषाय नमः | ॐ लंकेशगृह भंजनाय नमः | ॐ भूतावासाय नमः |

ॐ वासुदेवाय नमः | ॐ वसवे नमः |ॐ त्रिभुवनेश्वराय नमः | ॐ श्रीरामरुपाय नमः |

ॐ कृष्णस्तवे नमः | ॐ लंकाप्रासादभंजकाय नमः | ॐ कृष्णाय नमः |

ॐ कृष्णस्तुताय नमः | ॐ शान्ताय नमः | ॐ शान्तिदाय नमः |

ॐ विश्वपावनाय नमः | ॐ विश्वभोक्त्रे नमः ।ॐ मारिघ्नाय नमः | ॐ ब्रह्मचारिणे नमः ।

ॐ जितेन्द्रियाय नमः | ॐ ऊर्ध्वगाय नमः | ॐ लान्गुलिने नमः ।ॐ मालिने नमः।

ॐ लान्गूलाहतराक्षसाय नमः | ॐ समीरतनुजाय नमः | ॐ वीराय नमः।

About the author

Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.

क्या आपको हमारी पोस्ट पसंद आयी ?

error: Content is protected !!