Tag - Shiv Stuti

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

महा मृत्युंजय मंत्र – मृत्यु पर विजय दिलाने वाला, ऋषि मार्कण्डेय द्वारा दिया ऐसा मंत्र, जिसे स्वयं महादेव ने स्वीकारा

महा मृत्युंजय मंत्र – Maha Mrityunjay Mantra जब किसी की अकालमृत्यु किसी घातक रोग या दुर्घटना के कारण संभावित होती हैं तो इससे बचने का एक ही उपाय है –...

यात्रा

कैलाश मानसरोवर यात्रा – चार धर्म, नदियों और पशु मुखो का अलौकिक उद्गम स्थल जहा जाने से मिलेगा मोक्ष

कैलाश मानसरोवर यात्रा – Kailash Mansarovar Yatra कैलाश मानसरोवर (Kailash Mansarovar Yatra) को शिव-पार्वती का घर माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार...

यात्रा

कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग और यात्रा के पहले और दौरान सावधानी और जरुरी जानकारी

कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग – Mount Kailash Mansarovar Tour सनातन धर्म में कैलाश का अपना महत्व रहा है. 22000 फीट ऊंचे इस पर्वत को कैलाश कहा जाता है...

पौराणिक कथाएं

महाशिवरात्रि व्रत कथा : भगवान् शिव के विधिवत पूजन और कथा श्रवण से मिटेगा नरक योग

महा शिवरात्रि व्रत कथा (Maha Shivratri Vrat Katha) फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को महा शिवरात्रि के नाम से जाना जाता है। इस दिन उपवास सहित विधि विधान से भगवान...

ज्योतिष

महाशिवरात्रि 2018 : जाने उत्तम मुहूर्त एवं राशिनुसार पूजा विधि और आराध्य ज्योतिर्लिंग

कब है महाशिवरात्रि और शिवरात्रि पूजन मुहूर्त  MahaShivratri 2018 : फाल्गुन कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी के दिन महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, मान्यता है इस दिन...

भक्ति

लघु रुद्राभिषेक पूजा : व्यक्ति के कई जन्मो के पाप कर्मो का नाश करने वाली शिव पूजा

लघु रुद्र पूजा (Laghu Rudra Puja in Hindi) : भगवान शिव को दुखों का नाश करने वाला देवता भी बताया गया है. लघु रूद्र पूजा का सामान्य सा अर्थ यही होता है कि शिव की...

शिव स्तुति

रुद्राष्टकम – महाकवि तुलसीदास कृत

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥1॥  हे भगवन ईशान को मेरा प्रणाम ऐसे भगवान...

शिव स्तुति

निर्वाणषटकम्

मनोबुद्ध्यहङ्कार चित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे । न च व्योम भूमिर्न तेजो न वायुः चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम् ॥१॥   न च प्राणसंज्ञो न वै...

शिव स्तुति

शिव महिम्न: स्तोत्रम्

पुष्पदन्त उवाच – महिम्नः पारं ते परमविदुषो यद्यसदृशी। स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः।। अथाऽवाच्यः सर्वः स्वमतिपरिणामावधि गृणन्। ममाप्येष...

शिव स्तुति

शिवपंचाक्षर स्त्रोतम

नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय।।1।। जो शिव नागराज वासुकि का हार पहिने हुए हैं, तीन नेत्रों...

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