आरती संग्रह

शनिवार व्रत की आरती

shani-dev

जय जय श्री शनिदेव(Jai jai shri shani dev in Mp3)

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय॥

श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी।

नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥ जय॥

क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी।

मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥ जय॥

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।

लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥ जय॥

देव दनुज ऋषि मुनि सुमरिन नर नारी।

विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी ॥जय॥

— इस दिन शनि की पूजा होती है |

— काला तिल, काला वस्त्र, तेल, उड़द शनि को बहुत प्रिय है |

— शनि की पूजा भी इनके द्वारा की जाती है |

— शनि की दशा को दूर करने के लिए यह व्रत किया जाता है |

— शनि सत्रोत का पाठ भी विशेष लाभदायक सिद्ध होता है |

Tags

Author’s Choices

हर कष्टों के निवारण के लिए जपे ये हनुमान जी के मंत्र, श्लोक तथा स्त्रोत

सूर्य नमस्कार : शरीर को सही आकार देने और मन को शांत व स्वस्थ रखने का उत्तम तरीका

कपालभाति प्राणायाम : जानिए करने की विधि, लाभ और सावधानियाँ

डायबिटीज क्या है, क्यों होती है, कैसे बचाव कर सकते है और डाइबटीज (मधुमेह) का प्रमाणित घरेलु उपचार

कोलेस्ट्रोल : कैसे करे नियंत्रण, घरेलु उपचार, बढ़ने के कारण और लक्षण

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग : उत्तराखंड के चार धाम यात्रा में सबसे प्रमुख और सर्वोच्च ज्योतिर्लिंग

गृह प्रवेश और भूमि पूजन, शुभ मुहूर्त और विधिपूर्वक करने पर रहेंगे दोष मुक्त और लाभदायक

लघु रुद्राभिषेक पूजा : व्यक्ति के कई जन्मो के पाप कर्मो का नाश करने वाली शिव पूजा

तो ये है शिव के अद्भुत रूप का छुपा गूढ़ रहस्य, जानकर हक्के बक्के रह जायेंगे

शिव मंत्र पुष्पांजली तथा सम्पूर्ण पूजन विधि और मंत्र श्लोक

श्रीगणेश प्रश्नावली यंत्र के 64 अंकों से जानिए अपनी परेशानियों का हल