राजस्थानी भजन

सेवा गोवेर्धन री

govardhan
Written by Aaditi Dave

[quads id = “2”]

सेवा गोवेर्धन री करले थारी सब चिंता मिट जाय ||टेर ||

थे सात परीक्रमा करलो , थे मानसी गंगा नाय ले

थार पाप सकल बह जाय सेवा गोवेर्धन री करले ||1||

मस्तक पर मुकट विराजे , कानो मै कुंडल छाजे

हिचकी पर हीरा लाल , सेवा गोवेर्धन री करले ||2||

गिरराज लागे प्यारो , ओ डोरा कंठी वालो

[quads id = “3”]

थारे गले हीरो रो हार , सेवा गोवेर्धन री करले ||3||

इन्दर कोप कियो ब्रिज भारी , ओ नख पर गिरवर धरी

ओ राखिया गोपी ने ग्वाल , सेवा गोवेर्धन री करले ||4||

थे करो प्रेम सु सेवा , अरोगावे मिश्री मेवा

थारो जनम सफल होय जाय , सेवा गोवेर्धन री करले ||4||

गिरराज लीला गावे वो फेर जनम नहीं पावे

वा को ब्रिज मै वासो थाय सेवा गोवेर्धन री करले

थारी सब चिंता मीट जाय सेवा गोवेर्धन री करले

[quads id = “4”]

About the author

Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.

Leave a Comment