मीराबाई भजन

सखी मेरी नींद

krishna

सखी मेरी नींद (Sakhi Meri Nind bhajan in hindi Mp3)

सखी मेरी नींद नसानी हो।

पिवको पंथ निहारत सिगरी रैण बिहानी हो।

सखियन मिलकर सीख द मन एक न मानी हो।

बिन देख्यां कल नाहिं पड़त जिय ऐसी ठानी हो।

अंग-अंग ब्याकुल भ मुख पिय पिय बानी हो।

अंतर बेदन बिरहकी कोई पीर न जानी हो।

ज्यूं चातक घनकूं रटै मछली जिमि पानी हो।

मीरा ब्याकुल बिरहणी सुध बुध बिसरानी हो।

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