राजस्थानी भजन

प्रेम का पद संख्या 10

krishana-bhajan

प्रेम का पद संख्या (Prem ka padh shankhiya bhajan in hindi Mp3)

प्रेम पद संख्या 10 |

बंसी वालो ए प्यारी नन्द दुलारो है | प्यारो हिबड़े से हो मत

न्यारो | टेर |

बस रहो हिरदा माहिं मारे | पलक न होवे दूर हमारे | जहाँ देखू तां

ओही ओही | और न दीसे | |बंशी | |1 | |

मोर मुकुट मकराकृत कुंडल | शोभे खूव श्याम मुख मडल बंसी में

कछु इचरज गावे तीखी तान सुनावे |बंसी | |2 | |

हीरों हार झिगमिग सौहें | तुर्रे तार हजारी मोहे | गोकुल में ओ गउओं

चरावे | नख पर रिवर धारी | |बंसी | |3 | |

मै थौने जाण्या ओ जाण्या | मै अन्तर माय पिछनया | मै तो शरण

लिये ब्रज तेरो |

काटो जनम मरनरो फेरो | ओ प्रताप श्याम सब तेरो | जीवन प्राण

हमारो | |बंसी | |4 | |

सनमुख ऊभा सावरास मै | उभो जाडू हाथ | बांय पकड़ मोय पार

उतारी | त्रिलोकी रो नाथ | |बंसी | |5 | |

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Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.

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