Tag - pranayama

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देह में स्थित पंचकोश – नर से नारायण बनाने का मार्ग पञ्च कोश जागरण

पञ्च कोश (Panch Kosha) क्या हैं इनके विषय में क्या और कहाँ किसी सिद्ध महत्मा द्वारा लिखा गया है । पञ्च कोश जागरण चक्रों का जागरण कैसे हो सकता है ? किसी खगोलीय...

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कुण्डलिनी चक्रों के प्रतीकात्मक वैदिक नाम तथा उपयोगिता और चक्र सोधन में प्राणमय कोष की भूमिका

कुण्डलिनी चक्र – Kundalini Chakra in Hindi  वैदिक साहित्य में मानव शरीरगत मूलाधार आदि चक्रो के नाम प्रतीकात्मक वैदिक नाम या संकेत मन्त्र...

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प्राणायाम : क्या है, कैसे करें, क्या है लाभ और कितने प्रकार का होता है ?

प्राणायाम | What Is Pranayama  प्राणस्य आयाम: इत प्राणायाम, श्वासप्रश्वासयो गतिविच्छेद: प्राणायाम – अर्थात प्राण की स्वाभाविक गति श्वास-प्रश्वास को रोकना...

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सद्गुरु ओशो और बुद्ध के अनुसार विपश्यना ध्यान विधि साधना का रहस्य

सद्गुरु ओशो के अनुसार क्या है विपश्यना | What is Vipassana Meditation विपश्यना (Vipassana) आत्मनिरीक्षण द्वारा आत्मशुद्धि की अत्यंत पुरातन साधना-विधि है। जो...

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अनुलोम विलोम प्राणायाम : शरीर को स्वस्थ व शक्तिशाली बनाने के लिए करे प्राणायाम

अनुलोम विलोम प्राणायाम ~ Anulom Vilom Pranayam  अनुलोम –विलोम प्रणायाम (alternate nostril breathing) में सांस लेने व छोड़ने की विधि को बार-बार दोहराया जाता है।...

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कपालभाति प्राणायाम : जानिए करने की विधि, लाभ और सावधानियाँ

कपाल=माथा; भाती= चमकने वाला; प्राणायाम = साँस लेने की प्रक्रिया यह एक शक्ति से परिपूर्ण साँस लेने का प्राणायाम है जो आपको वज़न कम करने में मदद करता है और आपके...

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शीतलि प्राणायाम : उच्च रक्त्चाप को कम करने के लिए करे शीतलि प्राणायाम

ध्यानात्मक आसन में बैठकर हाथ घुटने पर रखे ! जिव्हा को नालीनुमा मोड़कर मुँह खुला हुए मुँह से पूरक करें जिव्हा से धीरे धीरे स्वास लेकर फेफड़ो को पूरा भरे कुछ षण...

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सीत्कारी प्राणायाम : दन्त, मुँह, नाक, जिव्हा रोग से मुक्ति पाने के लिए करे प्राणायाम

ध्यानात्मक आसन में बैठकर जिव्हा को ऊपर तालु में लगाकर ऊपर- नीचे की दन्त पंक्ति को एकदम सटाकर ओठो को खोलकर रखे अब धीरे धीरे ‘सी-सी ‘ की आवाज करते...

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प्राणयाम में उपयोगी बन्धत्रय

Yogasan प्राणायाम एव बंधो के द्वारा हमारे शरीर से जिस शक्ति का बहिर्गमन होता है , उसे रोककर अन्तमुर्खी करते है बंध का अर्थ ही है बांधना, रोकना ये बंध प्राणायाम...

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शरीर में सन्निहित शक्ति-केंद्र या चक्र

आपके अंदर जो सुषुप्त केंद्र हैं उनको विकसित करने के किये श्रृंगार होता है । हमारे शरीर में सात केंद्र हैं। १) मूलाधार केंद्र :  जन्म से लेकर सात साल तक मूलाधार...

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