हिन्दू धर्म

क्या है प्रदोष व्रत ? जाने प्रदोष व्रत के प्रकार, महत्व और 2018 में व्रत के दिन

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क्या है प्रदोष व्रत ?

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार प्रदोष व्रत त्रयोदशी के दिन रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा की जाती है। प्रत्येक महीने में दो प्रदोष व्रत (शुक्ल पक्ष एवं कृष्ण पक्ष) होते हैं।

अलग-अलग तरह के प्रदोष व्रत

  • सोमवार को आने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोषम या चन्द्र प्रदोषम भी कहा जाता है।
  • मंगलवार को आने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोषम कहा जाता है।
  • शनिवार को आने वाले प्रदोष व्रत को शनि प्रदोषम कहा जाता है।

यह भी पढ़े – प्रदोष व्रत कथा : जानिए क्या है इस व्रत का महत्व, कैसे करें पूजा?

साल 2018 के लिए प्रदोष व्रत की सूची

दिनांक

त्यौहार

रविवार, 14 जनवरी

प्रदोष व्रत (कृष्ण)

सोमवार, 29 जनवरी

सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल)

मंगलवार, 13 फरवरी

भौम प्रदोष व्रत (कृष्ण)

मंगलवार, 27 फरवरी

भौम प्रदोष व्रत (शुक्ल)

बुधवार, 14 मार्च

प्रदोष व्रत (कृष्ण)

गुरुवार, 29 मार्च

प्रदोष व्रत (शुक्ल)

शुक्रवार, 13 अप्रैल

प्रदोष व्रत (कृष्ण)

शुक्रवार, 27 अप्रैल

प्रदोष व्रत (शुक्ल)
रविवार, 13 मई

प्रदोष व्रत (कृष्ण)

शनिवार, 26 मई

शनि प्रदोष व्रत (शुक्ल)
सोमवार, 11 जून

सोम प्रदोष व्रत (कृष्ण)

सोमवार, 25 जून

सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल)

मंगलवार, 10 जुलाई

भौम प्रदोष व्रत (कृष्ण)

मंगलवार, 24 जुलाई

भौम प्रदोष व्रत (शुक्ल)

गुरुवार, 09 अगस्त

प्रदोष व्रत (कृष्ण)

गुरुवार, 23 अगस्त

प्रदोष व्रत (शुक्ल)

शुक्रवार, 07 सितंबर

प्रदोष व्रत (कृष्ण)

शनिवार, 22 सितंबर

शनि प्रदोष व्रत (शुक्ल)
शनिवार, 06 अक्टूबर

शनि प्रदोष व्रत (कृष्ण)

सोमवार, 22 अक्टूबर

सोम प्रदोष व्रत (शुक्ल)

सोमवार, 05 नवंबर

सोम प्रदोष व्रत (कृष्ण)
मंगलवार, 20 नवंबर

भौम प्रदोष व्रत (शुक्ल)

मंगलवार, 04 दिसंबर

भौम प्रदोष व्रत (कृष्ण)
गुरुवार, 20 दिसंबर

प्रदोष व्रत (शुक्ल)

* (कृष्ण) – कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत, (शुक्ल) – शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रदोष व्रत अन्य दूसरे व्रतों से अधिक शुभ एवं महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता यह भी है इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है एवं मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। उसी तरह प्रदोष व्रत रखने एवं दो गाय दान करने से भी यही सिद्धी प्राप्त होती है एवं भगवान शिव का आर्शीवाद प्राप्त होता है।

अलग-अलग वार (सप्ताह का दिन) के लाभ

  • रविवार के दिन व्रत रखने से अच्छी सेहत एवं उम्र लम्बी होती है।
  • सोमवार के दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाऐं पूर्ण होती है।
  • मंगलवार के दिन व्रत रखने से बीमारीयों से राहत मिलती है।
  • बुधवार के दिन प्रदोष व्रत रखने से सभी मनोकामनाऐं एवं इच्छाऐं पूर्ण होती है।
  • वृहस्पतिवार को व्रत रखने से दुश्मनों का नाश होता है।
  • शुक्रवार को व्रत रखने से शादीशुदा जिंदगी एवं भाग्य अच्छा होता है।
  • शनिवार को व्रत रखने से संतान प्राप्त होती है।

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पूजा का सही समय

सभी शिव मन्दिरों में शाम के समय प्रदोषम मंत्र का जाप किया जाता है।

About the author

Pandit Niteen Mutha

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