प्रसिद्ध हिंदी भजन

प्राचीन भजन लावनी

om
Written by Aaditi Dave

[quads id = “2”]

प्राचीन भजन लावनी (Prachin Bhajan lawani in hindi Mp3)

लावण हम दम का ध्यान चुपचाप किया करते है बिन जिब्हा अजपाजाप किया करते हैं

बिन मुह के हरदम सोहं सोहं बोले बिन नयन के देखे सबकी आँखे खोले

हम बिना पाँव के तीन लोके में डोले बिन हाथ तराजुं तीन लोक को तोले

यह अपना भजन हम आप किया करते है बिन जिव्हा अजपाजाप किया करते है

बिन कान के सबकी सुनते न्यारी न्यारी बिन नासा के हम लेते सुगंध सारी

बिन इन्द्री के हम भोग भोगते भारी नित भोग करें और बने रहे ब्रह्मचारी

[quads id = “3”]

होता है धरम जब पाप किया करते है बिन जिब्हा अजपाजाप किया करते है

बिन बादल बिजली चमके बिन अम्बर के बिन बारिस निस दिन अमृत वर्षा बरसे

बिन मुख के सुगरा पीवे नुगरा तरसे बिन सूरत जिसकी डोर लगी हर हर से

आपे से आप मिलाप किया करते है | बिन जिब्हा अजपाजाप किया करते है

बिन बादल बिजली चमके हरदम गाजे बिन साज जहां पर अनहद बाजा बाजे

[quads id = “2”]

बिन सेज देह बिन पुष्प हमी विराजे यह बिना गुरु के भरम कभी नहीं भागे

बिन कंठ के हम आलाप किया करते है बिन जिव्हा अजपाजाप किया करते है

बिन अगनी के जहा बृहत जोत जगती है | वो बिना तेल और बिन बाती जलती है |

तुम लाख हिलावो कभी नहीं हिलती है जहां शीतल मन्द सुगंध पवन चलती है

यहां भजन का हम परताप किया करते है बिन जिव्हा अजपाजाप किया करते है |

बिन कंठ के हम तो राग रागनी गांवे बिन हाथो के बाजे सभी बजावे

यह सबद सदा सुरजगिरी के मन भावे रसाल गिरी कह उल्टा भेद बतावे

अज्ञानी सुन प्रलाप किया करते है | बिन जिव्हा अजपाजाप किया है

हमदम का ध्यान चुपचाप किया करते है बिन जिव्हा अजपा जाप किया आ ………..ओम ओम हरिओ

[quads id = “4”]

 

About the author

Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.

1 Comment