जीवन मंत्र

विचारो की ताकत से बदले अपना भाग्य, बने कर्मयोगी !

किसी महापुरुष ने कहा है :-

अपने मन की "सोच" को देखो, वो "विचारों" को जन्म देते हैं,
अपने "विचारों" को देखो, वो "शब्द" बन जाते हैं,
अपने "शब्दों" को देखो, वो "कार्य" बन जाते हैं,
अपने "कार्य" को देखो, वो "आदत" बन जाती हैं,
अपनी "आदतों" को देखो, वो "चरित्र" बन जाता है,
अपने "चरित्र" को देखो, वो "भाग्य" बन जाता है."

मित्रों हमें "सोच" और "विचार" में ही असली अंतर समझना है :-

1. Case No 1 :- 

(a) "सोच" - आपने article लिखने के बारे में सोचा.
(b) "विचार" - Article "Positive" लिखना है या "Negative".
(c) "शब्द" -
(i) अगर Positive Article लिखना है तो Positive शब्दों का इस्तेमाल करना होगा.
(ii) अगर Negative Article लिखना है तो Negative शब्दों का इस्तेमाल करना होगा.
(d) "कार्य" - Article लिखने की शुरुआत हो जाएगी.
(e) "आदत" - Article लिखना ही आदत बन जायेगा.
(f) "चरित्र" - लोग आपको Article लिखने वाले के रूप में जानने लगेगें.
(g) "भाग्य" - अब अगर आपके Articles famous हो गए तो लोग आपको भाग्यवान कहने लगेंगे, वर्ना लोग कहेंगे इसका भाग्य ही ख़राब था. असल में भाग्य ख़राब नहीं था, हम विचारों में कहीं भटक गए.

2. Case No 2 :- 

(a) "सोच" - आपने फिल्म लाइन में जाने की सोची.
(b) "विचार" - एक्टिंग हीरो की करनी है या विलेन की.
(c) शब्द -

power-of-thoughts-1

(i) अगर हीरो की एक्टिंग करनी है तो Positive शब्द दिमाग में आएंगे.
(ii) अगर विलेन की एक्टिंग करनी है तो Negative शब्द दिमाग में आएंगे.

(d) "कार्य" - Acting करने की शुरुआत हो जाएगी.
(e) "आदत" - Acting करना ही आदत बन जायेगा.
(f) "चरित्र" - लोग आपको Actor के रूप में जानने लगेगें.
(g) "भाग्य" - अब अगर आप एक Actor के रूप में famous हो गए तो लोग आपको भाग्यवान कहने लगेंगे, वर्ना लोग कहेंगे इसका भाग्य ही ख़राब था. असल में भाग्य ख़राब नहीं था, हम विचारों में कहीं भटक गए.

मित्रों हर किसी इंसान को इस "सोच से भाग्य" रूपी यात्रा करनी ही पड़ेगी, कोई भी इंसान इससे बच नहीं सकता.

मित्रों सोच को कोई रोक नहीं सकता,
पर, पर, पर .....

हमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण "विचारों की ताकत" (the power of thoughts) को समझना होगा,

किसी भी हालत में हमें अपने विचार Negative नहीं करने हैं, ये ध्यान रहे, चाहे कितनी भी मुसीबत आ जाये.....

मित्रों हर बार Negative विचारों को एक ही जवाब देना है :-

"अगर गम के पास तलवार है, तो मैं उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूँ..!
ऐ जिंदगी ! तेरी हर चाल के लिए मैं एक चाल लिए बैठा हूँ ..."

About the author

Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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