Category - पौराणिक कथाएं

प्रत्येक माह की दोनों पक्षों की त्रयोदशी के दिन संध्याकाल के समयको “प्रदोष” कहा जाता है और इस दिन शिवजी को प्रसन्न करने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने का विधान है...

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पौराणिक कथाएं

जानिये उत्पन्ना (उत्पति) एकादशी व्रत कथा व पूजा विधि

वर्ष 2017 में उत्पन्ना एकादशी (Utpanna Ekadashi) का व्रत 14 नवबंर को है। एकादशी व्रत कथा व महत्व के बारे में तो सभी जानते हैं। हर मास की कृष्ण व शुक्ल पक्ष को...

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देवोत्थान एकादशी (प्रबोधनी एकादशी) की पूजा विधि, मान्यता और सुखी जीवन के सरल उपाय

पूरे साल 24 एकादशी होती है. हर महीने दो एकादशी पड़ती है, एक शुक्ल पक्ष में तो दूसरी कृष्ण पक्ष में. सभी एकादशी में कार्तिक शुक्ल एकादशी का विशेष महत्व होता है...

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भगवती तुलसी विवाह की कथा, विवाह विधि, महत्व और लाभ जानिए

देवउठनी एकादशी को तुलसी विवाह उत्सव भी कहा जाता है. तुलसी विवाह का महत्व हिंदू धर्म में इसलिए भी  ज्यादा है क्योंकि इस दिन से ही शादी-विवाह का लग्न शुरू हो...

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अहोई अष्टमी: इस विधि से करें निर्जला व्रत, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त

अहोई अष्टमी: इस विधि से करें निर्जला व्रत, जानिए क्या है शुभ मुहूर्त करवा चौथ के चार दिन बाद अहोई अष्टमी व्रत का त्योहार होता है. अहोई अष्‍टमी संतान की...

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शिक्षाप्रद कहानी : ईश्वर का न्याय

Hindi Inspirational Story : एक रोज रास्ते में एक महात्मा अपने शिष्य के साथ भ्रमण पर निकले. गुरुजी को ज्यादा इधर-उधर की बातें करना पसंद नहीं था, कम बोलना और...

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हिन्दू पौराणिक कथाओ के अनुसार यह है पृथ्वी में भूकम्प आने का कारण

हमारे हिन्दू धर्म में पृथ्वी को माता की उपाधि दी गई है तथा उनको धरती माता के रूप में पूजा जाता है. पुराणों में पृथ्वी को मंगल ग्रह की माता बतलाया गया है जिसके...

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समुद्र-मंथन, कुर्म तथा मोहिनी-अवतार की कथा

समुद्र–मंथन, कुर्म तथा मोहिनी–अवतार की कथा अग्निदेव कहते हैं – वशिष्ठ! अब मैं कुर्मावतार का वर्णन करूँगा। यह सुनने पर सब पापों का नाश हो जाता है।...

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कैसे ली शनिदेव ने पांडवो के ज्ञान की परीक्षा

पाण्डवों का अज्ञातवाश समाप्त होने में कुछ समय शेष रह गया था। पाँचो पाण्डव एवं द्रौपदी जंगल मे छूपने का स्थान ढूंढ रहे थे, उधर शनिदेव की आकाश मंडल से पाण्डवों...

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