बौद्ध धर्म

परिनिर्वाण दिवस

गौतम बुद्ध की मृत्यु के अवसर पर बौद्ध धर्म के अनुयायी परिनिर्वाण या निर्वाण दिवस मनाते हैं। बौद्ध जातक गौतम बुद्ध की मृत्यु का शोक नहीं मनाते क्योंकि उनका विश्वास हैं कि बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त करके भौतिक अस्तित्व और उसके कष्टों से मुक्ति पाई थी और मोक्ष की प्राप्ति की थी। मान्यता है कि भगवान बुद्ध की मृत्यु 80 वर्ष की आयु में हुई।

परिनिर्वाण दिवस 2016 (Parinirvana Divas)

यह दिवस हर साल 15 फरवरी को मनाया जाता है।

परिनिर्वाण दिवस कैसे मनाया जाता है :

निर्वाण दिवस के दिन बौद्ध अनुयायी गौतम बुद्ध की शिक्षाओं का चिंतन करते हैं। निर्वाण दिवस विशेष रूप से गौतम बुद्ध की शिक्षाओं को याद रखने और उन्हें जीवन में उतारने का अवसर माना जाता है। इस दिन मठों और मंदिरों में ध्यान लगाने और गौतम बुद्ध को याद करने के लिए शिविर लगाए जाते हैं। साथ ही इस दिन विशेष प्रकार के व्यंजन पकाए जाते हैं और लोग एक दूसरे को उपहार भेंट करते हैं।

 

About the author

Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

क्या आपको हमारी पोस्ट पसंद आयी ?

error: Content is protected !!