ओशो भजन

ओशो के दीवाने हैं

ओशो के दीवाने हैं (Osho ke Diwane hai bhajan in hindi Mp3)

ओशोकेदीवानेहैं, आनंदमनातेहैं;

हंसतेनाचतेगातेहैं, हमध्यानमेंजातेहैं।

नातोहमदुश्मनहैंमनके, नाहीशत्रुअपनेतनके;

ना त्यागी ना लोभी धन के, हम हैं रिंद परम जीवन के।

नर्क का भयन स्वर्ग कामना, ना दुनिया की कोई वासना;

मिट गई मुक्ति की भी चाहना, इसे ही असली मोक्ष जानना।

मस्ती का यूं उठा बवंडर, गिर गए कर्म बंध के खंडहर;

अब तो सारा जग है मंदिर, ब्रह्म ही बाहर ब्रह्म ही भीतर।

नाक हीं मैं है नाक हीं तू है, फैली सभी ओर खुश्बू है;

सब में सत्यं शिवं सुंदरं, जो है उस कानाम प्रभू है।

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About the author

Pandit Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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