आरती संग्रह

ॐ शिव हरी शंकर गौरीशम वन्दे गंगा धरनी शम – पूर्ण आरती

puran aarti
Written by Aaditi Dave

ॐ शिव हरी शंकर गौरीशम  Om Shiv Hari Shankar Gaurisham 

ॐ शिव हरी शंकर गौरीशम
वन्दे गंगा धरनी शम
शिव रुद्रम पशुपति मिशानम
कलिहर काशी पुर नाथम
भज पर लोचन परमानंदा
नीलकंठ तुम शरणम्
भज असुर निकंदम भव दुःख भंजन
सेवक के प्रतिपाला

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ॐ आवागमन मिटावो शंकर भज शिव बारम्बार
त्वमेव माता श्च पिता त्व्मेश
त्वमेव विध्या द्रवीडम त्वमेव
त्वमेव सर्व मम देव देवं
करारविन्देन पदार्विन्दम , मुखारविन्दे विनिवेश्यनतम
वत्स्य पत्रस्य पुट्टे स्यान , बाल मुकुन्दं मनसा स्मरामि
आव तो हरी ॐ बोलो जावे तो हरी ॐ बोलो
सुबह और शाम बोलो नेम से हरी ॐ बोले रे प्रेम से

हरी ॐ बोलो बोलो ॐ ॐ ॐ

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Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.