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मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतरो …

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मेरे मन के अंध तमस में – Mere Mann Ke Andh Tamas Mai Mp3 Download & Lyrics

मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतरो ।
जय जय माँ, जय जय माँ ।

कहाँ यहाँ देवों का नंदन,
मलयाचल का अभिनव चन्दन ।
मेरे उर के उजड़े वन में करुणामयी विचरो ॥

नहीं कहीं कुछ मुझ में सुन्दर,
काजल सा काला यह अंतर ।
प्राणों के गहरे गह्वर में ममता मयी विहरो ॥

वर दे वर दे, वींणा वादिनी वर दे।
निर्मल मन कर दे, प्रेम अतुल कर दे।
सब की सद्गति हो, ऐसा हम को वर दे॥

सत्यमयी तू है, ज्ञानमयी तू है।
प्रेममयी भी तू है, हम बच्चो को वर दे॥

सरस्वती भी तू है, महालक्ष्मी तू है।
महाकाली भी तू है, हम भक्तो को वर दे॥

About the author

Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.

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