हस्त रेखा ज्ञान

जाने विवाह रेखा का रहस्य, वैवाहिक जीवन और प्रेम सम्बन्धो का लेखा झोखा बतलाती है

marriage-line
marriage-line – Vivah rekha in hindi

हस्त रेखा विवाह (Vivah Rekha in Hindi) : विवाह के बिना समाज में स्त्री और पुरुष का रिश्ता मान्य नहीं होता। आपका प्रेम विवाह (Love Marriage) होगा या नहीं, विवाह कब होगा (When will marriage) विवाह के बाद जीवन सुखी रहेगा या नहीं (Will life be happy after marriage) आदि बातो का अध्ययन ज्योतिषी हाथों की विवाह रेखा (Marriage Line) को देख कर करते है | हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार विवाह रेखा (Vivah Hast Rekha) से किसी व्यक्ति भी व्यक्ति के विवाह और प्रेम प्रसंग पर विचार किया जाता है।

हमारी जैसी सोच रहती है उसी के अनुरूप Hath Ki Rekha (हस्त रेखा) में बदलाव होते रहते हैं। कुछ खास रेखा जैसे  जीवन रेखा, भाग्य रेखा, हृदय रेखा, मणिबंध, सूर्य रेखा और विवाह रेखा (Vivah Rekha in Hindi) को छोड़कर प्रतिदिन हमारे हाथों की छोटी-छोटी रेखाएं बदलती हैं |

कहां होती है विवाह रेखा | Palm Reading Love line

विवाह रेखा लिटिल फिंगर (सबसे छोटी अंगुली) के नीचे वाले भाग में होती हैं। इस क्षेत्र को बुध पर्वत कहते हैं। बुध पर्वत के अंत में कुछ आड़ी गहरी रेखाएं होती हैं। यह विवाह रेखाएं कहलाती है, या यु कहे की क्षैतिज रेखाएं कनिष्ठा के बिल्कुल नीचे और हृदय रेखा के ऊपर स्थित  विवाह रेखा कहलाती है। यह रेखाएं रिश्तों में आत्मीयता, वैवाहिक जीवन में खुशी, वैवाहिक दंपती के बीच प्रेम और स्नेह के अस्तित्व को दर्शाता है। विवाह रेखा का विश्लेषण करते समय शुक्र पर्वत और हृदय रेखा को भी ध्यान मे रखना चाहिये। यदि यह रेखा टूटी हो या कटी हुई हो विवाह विच्छेद की संभावना होती है। साथ ही यह रेखा आपका वैवाहिक जीवन कैसा रहेगा यह भी बताती है। यदि रेखाएं नीचे की ओर गई हुई हों तो दांम्पत्य जीवन में आपको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। यह रेखाएं संख्या में जितनी होती हैं उस व्यक्ति के उतने ही प्रेम प्रसंग होते हैं।

हथेली में विवाह रेखा कैसी होना चाहिए | Marriage line in hand

हस्तरेखा का एक सर्वमान्य नियम है कि जो भी रेखा आपके हाथ में है वह बिलकुल स्पष्ट, बारीक, गहराई लिए हुए, तथा सुन्दर हो तभी अच्छा माना जाता है। यदि आपकी रेखा स्पष्ट नहीं है या रेखा टूटी हुई, द्वीप,जाला, से युक्त है तो अच्छा नहीं है आपको अवश्य ही दाम्पत्य जीवन में समस्या आएगी।

यदि विवाह रेखा के आरंभ में दो शाखाएं हो तो उस व्यक्ति की शादी टूटने का भय रहता है। यदि किसी स्त्री के हाथ में विवाह रेखा के आरंभ में द्वीप चिन्ह हो तो उसका विवाह किसी धोखे से होगा। यदि बुध पर्वत से आई हुई कोई रेखा विवाह रेखा को काट दे तो उस व्यक्ति का वैवाहिक जीवन परेशानियों भरा होता है।

यदि विवाह रेखा रिंग फिंगर (अनामिका) के नीचे सूर्य रेखा तक गई हो तो उस व्यक्ति का विवाह किसी विशिष्ट व्यक्ति से होता है। विवाह रेखा देखते समय शुक्र पर्वत (अंगूठे के नीचे वाला भाग शुक्र पर्व कहलाता है। इसका क्षेत्र जीवन रेखा तक होता है।) पर भी विचार किया जाना चाहिए।

 हथेली में प्यार की रेखाएं | Love Marriage Line in Female Hand

यदि आपकी हथेली में एक से अधिक विवाह रेखाएं है तो वह प्रणय सम्बन्ध (Marriage Line Reading in Hand Palmistry) की ओर इशारा करती हैं। यदि विवाह रेखा (Marriage Line) ह्रदय रेखा से बहुत नजदीक है तो वह बीस वर्ष से पूर्व ही प्रणय सम्बन्ध होने की सूचना देती है। और यदि विवाह रेखा छोटी उंगली तथा ह्रदय रेखा के मध्य में हो बाइस वर्ष अथवा इसके बाद प्रणय सम्बन्ध होने की सूचना समझना चाहिए।

यह भी जरूर पढ़े : 

विवाह रेखा का फल: 

  • एक से अधिक विवाह रेखाओं के संदर्भ में वह रेखा मान्य होती है जो सबसे अधिक गहरी और स्पष्ट हो बाकि रेखा संबंधों के बिछड़ने या टूटने के संकेत देती है।
  • अधिक विवाह रेखाएं तलाक, विवाहोत्तर संबंध, बेवफा रिश्तों आदि की संकेतक होती है।
  • अगर दो विवाह रेखाएं हैं और एक स्पष्ट बेहद गहरी और दूसरी महीन लेकिन बुध पर्वत तक विकसीत है तो यह जातक के जीवन में दो शादियों की सूचना देती है।
  • अगर विवाह रेखा ऊपर की तरफ आती हुई हृदय रेखा से मिले या फिर विवाह रेखा पर तिल हो या क्रॉस का निशान हो तो शादी में बहुत कठिनाइयां होती हैं।
  • विवाह रेखा health line  से स्पर्श करे तो भी विवाह नहीं होता है। अगर विवाह रेखा पर एक से अधिक द्वीप हों या काला तिल हो तो यह जीवन भर अविवाहित होने का भय पैदा करता है।
  •  यदि विवाह रेखा द्वीप युक्त हो तो यह जीवन साथी के खराब स्वास्थ्य का द्योतक है।
  • विवाह रेखा का मध्य में खण्डित हो जाना विवाह के टूटने के संकेत हैं। लेकिन इसके लिए हथेली के दूसरों चिह्नों पर भी विचार करना चाहिए।
  • यदि विवाह रेखा सर्प-जिह्वाकार हो तो यह पति-पत्नि के मध्य विचारों की भिन्नता को दर्शाती है।
  • लम्बी और सूर्य के स्थान तक जाने वाली विवाह रेखा संपन्न और समृद्ध जीवन साथी की प्रतीक है।
  • जब विवाह रेखा को खड़ी रेखाएं काट रही हो तो यह विवाह में हो रहे विलम्ब और बाधाओं की सूचक हैं।
  • यदि विवाह रेखा को संतान रेखा काटती हो तो व्यक्ति का विवाह अत्यंत कठिनाई से होता है। विवाह रेखा पर बनी संतान रेखाएँ यदि महीन हों तो कन्या योग होता है और यदि गहरी हों तो पुत्र योग होता है। यदि मणिबंध रेखा कमजोर हो या शुक्र पर्वत अविकसित हो तो ऐसे व्यक्ति के जीवन में संतान सुख नहीं रहता है।
  • जिस व्यक्ति के हाथों में सूर्य क्षेत्र से निकलकर टेढ़ी-सी रेखा हृदय रेखा तथा मस्तक रेखा को काटती हुई जीवनरेखा में जा मिले, ऐसे व्यक्ति विवाह के पश्चात यश और प्रसिद्धि प्राप्त करने के इच्छुक होते हैं लेकिन घरेलू झगड़ों के कारण उनकी यह इच्छा पूर्ण नहीं हो पाती है। जब सूर्य रेखा मस्तक रेखा से निकली हो और बीच-बीच में टूटी हो तो ऐसी रेखा वाले व्यक्ति दूसरों की बात में आकर झगड़ा करने के लिए तैयार रहते हैं।

 विवाह में विलम्ब :

पुरूष की हथेली में जब विवाह रेखा हृदय रेखा से काफी दूर हो, शुक्र का आकार हथेली में राशि सामंजस्य न बैठा पाता हो साथ ही बृहस्पति के स्थान पर कोई शुभ चिह्न न हो, तो ऐसे जातक का विवाह प्रायः देरी से हुआ करता है। कितनी देरी होगी और विवाह कब होगा यह जानने के लिए पुनः विवाह रेखा से ही आकलन करना चाहिए। यदि हथेली में विवाह रेखा ही न हो तो विवाह में काफी विलम्ब हो सकता है। लेकिन इसका अभिप्राय यह बिल्कुल नहीं है कि जीवन में विवाह नहीं होगा। यह अवश्य है इसके कारण विवाह में अनावश्यक रूप से देरी हो सकती है। या फिर उपाय करने पर ही विवाह होगा। यदि बृहस्पपि अपने स्थान से शनि की तरफ झुकाव लिये हो तो 30 वर्ष की आयु के बाद विवाह होता है।

About the author

Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

Add Comment

Click here to post a comment

सर्वाधिक पढ़ी जाने वाली पोस्ट

Subscribe Our Youtube Channel