योगासन

मण्डूकासन : पेट से जुड़े सभी रोगों से मुक्ति पाने के लिए करे योगासन

मण्डूकासन वज्रासन समूह का आसन है, यह न केवल व्यक्ति को स्वस्थ बनाता है बल्कि यह सौन्दर्य, शरीर को सहीआकृति, नाड़ियों में सन्तुलन तथा उच्च योगिक अभ्यास के लिए  तैयार करता है।

विधि :

घुटनों को मोड़ कर वज्रासन में बैठ कर दोनों हाथों की मुट्ठियां बंद कर पेट पर नाभि के दोनों ओर कम से कमडेढ़ से दो इंच की दूरी पर रखते हुए सांस निकालते हुए मुट्ठियों से पैर दबाते हुए आगे झुकें , अधिक से अधिक आगे की ओर झुक जाएं। छाती घुटनों के पास आ जाएगी। यहां पर सिर को ऊपर की ओर उठा कर रखना है। सांस की गति कोसामान्य रखते हुए यथाशक्ति कुंभक (रोक) लगा  कर रखें। तीन से पांच बार इसका अभ्यास करना चाहिये या अपनेस्वस्थ के अनुसार भी कर सकते है।

लाभ :

मधुमेह को दूर करने के अलावा कब्ज , गैस , अपच , डकार , मोटापा आदि पेट के रोग दूर करने वाला है। रोज करने से पेट का मोटापा नहीं बढ़ता। भूख अच्छी लगती है।

सावधानी :

कमर दर्द रहता हो,  तो इसका अभ्यास न करें।

नोट :

जो वज्रासन में नहीं बैठ सकते है वह सुखासन में बैठ कर सकते है।

About the author

Pandit Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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