मीराबाई भजन

मैं गिरधर के घर जाऊं

meera-bai
Written by Aaditi Dave

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मैं गिरधर के घर जाऊं।

गिरधर म्हांरो सांचो प्रीतम देखत रूप लुभाऊं॥

रैण पड़ै तबही उठ जाऊं भोर भये उठि आऊं।

रैन दिना वाके संग खेलूं ज्यूं त।ह्यूं ताहि रिझाऊं॥

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 जो पहिरावै सोई पहिरूं जो दे सोई खाऊं।

मेरी उणकी प्रीति पुराणी उण बिन पल न रहाऊं।

जहां बैठावें तितही बैठूं बेचै तो बिक जाऊं।

मीरा के प्रभु गिरधर नागर बार बार बलि जाऊं॥

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About the author

Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.