मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

भगवान् दत्तात्रेय के अचूक मंत्र जो करेंगे सम्पूर्ण जीवन को सुखी और मनोवांछित फल से भरपूर

घर में क्लेश ना होने के लिए मंत्र | Grah Kalesh Nivaran Mantra

दत्तात्रेय भगवान का चित्र स्थापित करे । चित्र के समुख एक पानीवाला नारियल मिट्टी के घड़े के ऊपर रखकर चारों तरफ पत्ते लगाकर कलश स्थापित करें और चार मुख वाला दीपक उसके सामने प्रज्ज्वलित करें। स्वयं पीले वस्त्र धारण करें और दत्तात्रेय भगवान को भी पीले वस्त्र अर्पित करें। पीले रंग का आसन का प्रयोग करें और नीचे दिए गए मंत्र की चंदन के माला पर 7 माला जप करें। जप पूरा होने के बाद कन्या को भोजन या मीठा प्रसाद, शृंगार का सामान, दक्षिणा अर्पित करके मनोवांछित फल प्राप्त कर सकते हैं।

मंत्रउं झं द्रां विपुलमुर्तेये नम: स्वाहा 

शत्रुओं से छुटकारा के लिए मंत्र | Shatru Badha Nivaran Mantra

दत्तात्रेय भगवान का चित्र स्थापित करके उनके सामने एक सूखा नारियल काले कपड़े में लिपटा कर मोली सूत्र से बांध दें और भगवान को अर्पित करें। साथ ही एक सुपारी अर्पित करें। कंबल के आसन का प्रयोग करें और नीचे दिए गए मंत्र की रुद्राक्ष की माला से 8 माला जप करें। जप पूरा होने के बाद भगवान को मीठी रोटी का भोग लगाएं। उसमें से एक भाग कौए को और एक भाग कुत्ते को खिलाएं और कपड़े में लिपटा नारियल शिव मंदिर में जाकर शत्रु का नाश होने की प्रार्थना करके शिव को अर्पित करें।

मंत्रऊं द्रां ह्रीं स्पोटकाय स्वाहा 

गंगाजी में करते थे स्नान

मान्यता है कि दत्तात्रेय नित्य प्रात:काल काशी की गंगाजी में स्नान करते थे। इसी कारण काशी के मणिकर्णिका घाट की दत्त पादुका दत्त भक्तों के लिए पूजनीय है। इसके अलावा मुख्य पादुका स्थान कर्नाटक के बेलगाम में स्थित है। दत्तात्रेय को गुरु रूप में मान उनकी पादुका को नमन किया जाता है।

 

परीक्षा में सफलता के लिए मंत्र | Pariksha Me Safalta ke liye Mantra

दत्तात्रेय भगवान का चित्र स्थापित करके उनके सामने तांबे की थाली में खीर बनाके प्रसाद के रूप में रखें और भगवान के सामने पान की तीन पत्तियां लेकर उस पर चावल की छोटी-छोटी ढेरी बनाकर रख दें। भगवान को सफेद वस्त्र अर्पित करें और लाल कंबल के आसन का प्रयोग करें और नीचे दिए गए मंत्र की तुलसी की माला से 5 माला जप करें।

मंत्रऊं विध्याधिनायकाय द्रां दत्तारे स्वाहा

धन-दौलत मिलने के लिए मंत्र | Dhan Daulat ke liye Mantra

ये साधना रात में करनी है। दत्तात्रेय भगवान का चित्र स्थापित करें। चित्र के सम्मुख एक पानीवाला नारियल मिट्टी के घड़े के ऊपर रखकर चारो तरफ पत्ते लगाकर कलश स्थापित करें। उसके बाद तुलसी दल, बिल्वपत्र और गेंदे के फूल भगवान को अर्पित करें और मेवे का भोग लगाएं । 5 अखंड दीप लगाएं जो साधना की शुरुआत से पूरी रात जलते रहें और लाल कंबल के आसन का प्रयोग करें। फिर नीचे दिए गए मंत्र की तुलसी की माला से 9 माला जाप करे।

मंत्र ऊं ह्रीं विद्दुत जिव्हाय माणिक्यरुपिणे स्वाहा 

घर प्राप्ति के लिए मंत्र | Naye Ghar Ke Liye Mantra

दत्तात्रेय भगवान का चित्र स्थापित करें। चित्र के सम्मुख 11 पत्ते पर 5 लौंग, 5 इलायची रखकर दक्षिणा के साथ अर्पित करें। फिर अपनी मनोकामना कह दें और पीले रंग के आसन का प्रयोग करें और नीचे दिए हुए मंत्र की रुद्राक्ष की माला से 8 माला जप करें।

मंत्रश्रीं ह्रीं ऊं स्ताननायकाय स्वाहा 

दुर्घटना से बचाव के लिए मंत्र | Durghatna Se Bachav Mantra

दत्तात्रेय भगवान का चित्र स्थापित करें। चित्र के सम्मुख तांबे की थाली में पानी भरकर उसमे एक दिया जलाएं। फिर काले कंबल के आसन का प्रयोग करें और नीचे दिए हुए मंत्र की रुद्राक्ष की माला से 4 माला जप करें। जप पूरा होने के बाद भगवान को पुष्प, धूप, दीप लगाकर बेसन का भोग लगाएं।

मनचाहा प्यार मिलने के लिए मंत्र | Love Marriage Mantra 

दत्तात्रेय भगवान का चित्र स्थापित करें। लाल कंबल के आसन का प्रयोग करें और नीचे दिए हुए मंत्र की स्फटिक माला से 9 माला जप करें। जप पूरा होने के बाद भगवान को पुष्प, धूप, दीप लगाकर गुड़, शहद और मिश्री का भोग लगाएं और गुलाबी रंग का वस्त्र अर्पित करें और 21 केले का प्रसाद चढ़ाकर सभी परिवार के लोगों में और आसपास या पड़ोस के लोगों में बांटे दें।

मंत्र ऊं ह्रीं नमो अकर्शानाय द्रां ह्रीं हुम्

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