Tag - karm yoga

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ज्ञानयोग – ब्रह्म की अनूभूति होना ही वास्तविक ज्ञान है

ज्ञानयोग क्या है – What Is Gyanyoga ज्ञानयोग से तात्पर्य है – ‘विशुद्ध आत्मस्वरूप का ज्ञान’ या ‘आत्मचैतन्य की अनुभूति’ है। इसे उपनिषदों में ब्रह्मानुभूति...

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भक्तियोग – जाने भक्ति योग क्या है, कितने प्रकार की होती है और संक्षिप्त सार

भक्तियोग – Bhakti Yog भक्ति (Bhakti Yoga) संस्कृत के मूल शब्द “भज” से निकला  है – जिसका अर्थ है प्रेममयी सेवा और संस्कृत में योग का अर्थ है “जोड़ना”।...

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कर्मयोग – भगवत गीता, श्री राम शर्मा आचार्य और सद गुरु के अनुसार

कर्मयोग से तात्पर्य :- “अनासक्त भाव से कर्म करना”। कर्म के सही स्वरूप का ज्ञान। कर्मयोग दो शब्दों से मिलकर बना है – ‘कर्म’ तथा ‘योग’ । कर्मयोग के सन्दर्भ...

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योग : आत्मा का परमात्मा से मिलन तथा मन के संशोधनों का दमन ही योग है

परिभाषा : –  योग का शाब्दिक अर्थ है – जोड़, सम्बन्ध या मिलन| प्रत्येक व्यक्ति का किसी न किसी व्यक्ति, वस्तु, वौभव से योग होता ही है| पिता-पुत्र...

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राजयोग मैडिटेशन करने की सम्पूर्ण विधि, लाभ और जानकारी ऑडियो सहित

राजयोग मैडिटेशन | Rajyoga Meditation मेडिटेशन (Meditation in Hindi) का अभ्यास कई तरीकों से किया जाता है, उन्हीं में से एक है राजयोग (Rajyoga in Hindi)...

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