राजस्थानी भजन

झांकी की आरती

puja

झांकी की आरती (Jaanki ki Aarti in hindi Mp3)

झाँकी की आरती | Jaanki-ki-Aarti

(पद न. २५)

आरती गावे रघुपति राजा , सुर नर मुनि जन कीर्तन

गावे | | टेर | |

आरती गावे मदन गोपाल की , धर झलर बाजे जिग मिग जोत अवधपुर

राजे | 1|

आरती उतारे लिये धनुष राजा रामजी विराजे क्रोड़ बदन छवि निरखि

न जावे | 2|

आरती गावे मोर मुकुट कर बंशी विराजे , तीन लोक बांकी शोभा

गावे | 3|

आरती गावे भरत शत्रुघ्न लक्ष्मण भाई ऐ , राजा रामजी की शोभा

बरणी न जावे | 4|

आरती गावे मात कौशल्या रामजी ने निरखे , प्रेमजीवन सफल कर

लीजे |5 |

आरती गांवे मोतिड़ो रो थाल मात कौशल्या लावे , ऐ हो ‘प्रग्रदास प्रभु

तेरो यशगावे |6 |

(पद न. 26 तर्ज -श्याम तूं भूल न जाना )

गणपति पहले मनावों, गणपति पहले मनावों सुन्डालो | टेर |

पहले पूजा करा तुम्हारी , अन्न धन लक्ष्मी देवो अपारी |

मोदक भोग लगावो| गण | | 1 | |

रिद्ध सिद्ध थोरे संग विराजे , माणक मोती मुख पर साजे |

भवन हमारे लावो | | गण | |2 | |

जो नर तेरा ध्यान लगावे , निशदिन उसके सुख बहु छावे |

सच्ची बात सुनावो | |गण | |3 | |

ऐसा वर तुम देवो विनायक “दास लाड ” के हो प्रभु सहायक |

चारू पदार्थ पावें | |गण | |4 | |

About the author

Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.

Add Comment

Click here to post a comment

नयी पोस्ट आपके लिए