श्री राम भजन

जाग व मंगला

puran aarti

 

जाग व मंगला (Jaag ve mangala bhajan in hindi mp3)

जाग एव मंगला के पद |

जाग हो कमलापति

जाग हो कमलापति , जाग हो लीला पति |

रतन जडित रूप मंगल कीजे आरती || टेर |

जाग हो देवन के देव , जाग हो भक्तन के भीर |

सुर नर मुनिजन निवावे शीश ||1 जाग हो ||

जागे ब्रम्हा जागे इन्द्र , अरस परस जागे गोविंद |

हरक निरक जागे गोविंद || 2 जाग हो ||

जागे गोपो जागे ग्वाल , जसवन्त आये प्रभु तेरे द्वार |

 

भक्त जन आये तेरे द्वार ||3|| जाग हो ||

भने त्रिलोकिचंद्र अभय बोल |

तुम ठाकुर हम सेवक हो , जन्म -जन्म रा नौकर हो || 4 || जाग हो |

मंगला का पद

तनमन वारु म्हारो प्राण शीश चरणों धरु |

ज्यो विधि रिभो म्हारो श्याम ताहि विधि सेवा करू | टेर |

तज बो करू रे संसार , कलियुग कारने |1|

थोड़ी थोड़ी करू परनाम , धनो कर मानजो |

चाकर चरणो री राख, दासी कर जान जो |2|

उदरे काला काग , सुरंगी थारी पांखियो |

जोऊ म्हारे छोगाहे री बाट, फरुके डावी आंखियो | 3|

दीनानाथ दयालु कृपा पो मर कीजिये |

गावे मीरा श्याम, शरण मोहे लीजिये | 4|

 

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Aaditi Dave

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