Category - भक्ति

भक्ति

स्वयं महादेव के बताये अनुसार इन दस शैवव्रत में से, ये 4 व्रत मनुष्य को मोक्ष प्रदान करते है …

सावन में शिव भक्तों की हर-हर महादेव, बम-बम भोले, जय शिव शंभू की पवित्र गूंजों से हर शिवालय गूंज उठता है। इस अवसर पर देवाधिदेव महादेव की उपासना, व्रत एवं संकल्प के द्वारा आत्मबोध की झलक-झांकी पाने का प्रयास किया जाता है। यह साधना का परम दुर्लभ योग है, जिसमें उपवास और उपासना करने वाले पर महादेव महाकाल की कृपा बरसती है। भगवान भूतनाथ उस पर ही प्रसन्न होते हैं। सदाशिव महामृत्यंजय उसका परमकल्याण करते हैं। शिवरात्रि अर्थात भगवान् शिव की आराधना......

भक्ति

श्री खाटू श्याम जी श्याम बाबा – पौराणिक कथा माहात्म्य और संक्षिप्त परिचय

श्री खाटू श्याम जी – श्याम बाबा – Shri Khatu Shyam Ji श्री खाटू श्याम जिन्हें शीश का दानी के नाम से यह संसार पूजता है | खाटू श्याम महाभारत काल में पांडव महाबली भीम के पोत्र और घटोत्कच और माँ मोर्वी ( कामकटंकटा ) के पुत्र वीर बर्बरीक ने जब कुरुक्षेत्र के युद्ध में हारे का साथ देने का वादा किया अपनी माँ मोर्वी से, तब भगवन श्री कृष्णा ने वीर बर्बरीक से उनका शीश दान मांग लिया. वीर बर्बरीक ने ख़ुशी ख़ुशी अपना शीश भगवान श्री कृष्णा की दान......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

पुरुष सूक्त – चातुर्मास में भगवान विष्णु के समक्ष पुरुष सूक्त का पाठ करने से मिलेगी कुशाग्र बुद्धि

पुरुष सूक्त मंत्र पाठ – Purush Sukt Mantra path Hindi Mp3 Download पुरुष सूक्त (Purush Sukt) का प्रयोग विशेष पूजन के क्रम में किया जाता है। षोडशोपचार पूजन के एक- एक उपचार के साथ क्रमशः एक- एक मन्त्र बोला जाता है। जहाँ कहीं भी किसी देवशक्ति का पूजन विस्तार से करना हो, तो पुरुष सूक्त के मन्त्रों के साथ षोडशोपचार पूजन करा दिया जाता है। पंचोपचार पूजन में भी इस सूक्त से सम्बन्धित मन्त्रों का प्रयोग किया जा सकता है। यज्ञादि के विस्तृत देवपूजन......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

गंगा मंत्र, स्त्रोतम और गंगा स्तुति

गंगा मंत्र और स्तुति – Ganga Mantra & Stuti गङ्गास्तुती गङ्गादशहरास्तोत्रम् च श्रीगणेशाय नमः ॥ ब्रह्मोवाच — ॐ नमः शिवायै गङ्गायै शिवदायै नमो नमः । नमस्ते रुद्ररूपिण्यै शाङ्कर्यै ते नमो नमः ॥ १॥ नमस्ते विश्वरूपिण्यै ब्रह्मामूर्त्यै नमो नमः । सर्वदेवस्वरूपिण्यै नमो भेषजमूर्तये ॥ २॥ सर्वस्य सर्वव्याधीनां भिषक्ष्रेष्ठ्यै नमोऽस्तु ते । स्थाणुजङ्गमसम्भूतविषहन्त्र्यै नमो नमः ॥ ३॥ भोगोपभोगदायिन्यै भोगवत्यै नमो नमः । मन्दाकिन्यै......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

महा मृत्युंजय मंत्र – मृत्यु पर विजय दिलाने वाला, ऋषि मार्कण्डेय द्वारा दिया मंत्र

महा मृत्युंजय मंत्र – Maha Mrityunjay Mantra जब किसी की अकालमृत्यु किसी घातक रोग या दुर्घटना के कारण संभावित होती हैं तो इससे बचने का एक ही उपाय है – महामृत्युंजय साधना। यमराज के मृत्युपाश से छुड़ाने वाले केवल भगवान मृत्युंजय शिव हैं जो अपने साधक को दीर्घायु देते हैं। इनकी साधना एक ऐसी प्रक्रिया है जो कठिन कार्यों को सरल बनाने की क्षमता के साथ-साथ विशेष शक्ति भी प्रदान करती है। महामृत्युंजय मंत्र के 33 अक्षर हैं जो महर्षि  वशिष्ठ के अनुसार......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

श्री कृष्ण भगवान् के इन मंत्रो से दूर करे अपने जीवन की समस्याएं

श्री कृष्णा मंत्र और श्लोक – Shri Krishna Mantra & Shloka बाल-गोपाल श्री कृष्णा मंत्र (Shri Krishna Mantra) ना सिर्फ आर्थिक समस्या दूर करते हैं बल्कि जीवन की हर परेशानी में कान्हा के चमत्कारी मंत्र सहायक सिद्ध होते हैं। चाहे संतान प्राप्ति हो या घर में होने वाले कलह, लव मैरिज हो या विजय प्राप्ति की अभिलाषा, हर समस्या का अंत करते हैं घर में होता हो कलह तो पढ़ें यह श्रीकृष्ण मंत्र   कृष्णाष्टमी का व्रत करने वालों के सब क्लेश दूर हो जाते......

भक्ति

सीता स्वयंवर में तोड़े गए धनुष का अनसुना रहस्य, स्वयंवर तो एक बहाना था जाने असली कारण

सीता स्वयंवर और शिव धनुष – Sita Swayamvar in Ramayan आप सभी रामायण के सीता माता के स्वयंवर प्रसंग से अवश्य ही अवगत होंगे, राजा जनक शिव जी के वंशज थे तथा शिव जी का धनुष उनके यहाँ रखा हुआ था। राजा जनक ने कहा था कि जो राजा उस धनुष की प्रत्यंचा को चढा देगा उसे ही सीतामाता वरण करेगी अर्थात विवाह करेगी | शिव जी का धनुष कोई साधारण धनुष नहीं था बल्कि उस काल का परमाणु मिसाइल यानि ब्रह्मास्त्र छोड़ने का एक यंत्र था। रावण कि दृष्टि उस पर लगी थी और......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

सभी देव-देवताओ के गायत्री मंत्र का जाप – विशेष उद्देश्य तथा प्रयोजन हेतु सिद्ध सम्पुट विधि सहित

गायत्री मंत्र जप – Gaytri Mantra Japa शास्त्रों में प्रत्येक मंत्र को अति प्रभावकारी और फलदायी माना गया है, तथा प्रत्येक मंत्र की कुछ सीमाएं और परिमाप होता है और उनके लिए साधक को पूर्ण सावधानी रखने की आवश्यकता होती है | परन्तु अगर हम विशेष प्रयोजन की बात करे तो मंत्र जाप तभी सार्थक होता है जब किसी विशेष कार्य हेतु सम्पुट लगाकर तथा इच्छित संकल्प के साथ जाप किया जाये | साधको और मंत्र जाप करने वालों के लिए सम्पुट मंत्र कोई नया शब्द नहीं है......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

हर कष्टों के निवारण के लिए जपे ये हनुमान जी के मंत्र, श्लोक तथा स्त्रोत

Hanuman Mantra & Shlok in Hindi हनुमान मंत्र एवं हनुमान श्लोक : श्री राम भक्त हनुमान जी के मंत्र (Hanuman Mantra), श्लोक (Hanuman Shlok) और स्त्रोत (Hanuman Shlok) जपने से हमेशा भक्तो का उद्धार होता आया है क्यों की कालों के काल महाकाल शिव का अवतारी स्वरूप होने से श्री हनुमान जी हमेशा अपने भक्तो का बुरे वक्त में रक्षा कर, समय को अनुकूल, सुख-समृद्ध भी कर देते हैं। हर संकट की काट के लिए हनुमान उपासना का महत्व बताया गया है। मंगलवार के दिन......

भक्ति

गंधमादन पर्वत – कलयुग में जहा हनुमान जी स्वयं विराजते है

गंधमादन पर्वत – Gandhmadan Parvat श्री हनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास ने भी लिखा है कि – ‘चारो जुग परताप तुम्हारा है परसिद्ध जगत उजियारा।’ इस चौपाई में साफ संकेत है कि हनुमान जी ऐसे देवता है, जो हर युग में किसी न किसी रूप, शक्ति और गुणों के साथ जगत के लिए संकटमोचक बनकर मौजूद रहेंगे। हनुमानजी से जुड़ी यही विलक्षण और अद्भुत बात उनके प्रति आस्था और श्रद्धा गहरी करती है। यत्र–यत्र रघुनाथ कीर्तन तत्र कृत मस्तकान्जलि। वाष्प वारि......

भक्ति

शतचंडी यज्ञ – बिगड़े हुवे ग्रहो को अपने पक्ष में करने का अचूक उपाय

शतचंडी यज्ञ – Shatchandi Yagya in Hindi माँ दुर्गा को शक्ति की देवी कहा जाता है। दुर्गा जी को प्रसन्न करने के लिए जिस यज्ञ विधि को पूर्ण किया जाता है उसे सतत चंडी यज्ञ बोला जाता है। नवचंडी यज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है। इस यज्ञ से बिगड़े हुए ग्रहों की स्थिति को सही किया जा सकता है और सौभाग्य इस विधि के बाद आपका साथ देने लगता है। इस यज्ञ के बाद मनुष्य खुद को एक आनंदित वातावरण में महसूस कर सकता है। वेदों में इसकी......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

माँ महागौरी के ध्यान मंत्र, स्त्रोत और कवच पाठ

मां महागौरी के मंत्र, स्त्रोत और कवच पाठ श्वेते वृषे समरूढा श्वेताम्बराधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा।। या देवी सर्वभू‍तेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। माता महागौरी का ध्यान वन्दे वांछित कामार्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्। सिंहरूढ़ा चतुर्भुजा महागौरी यशस्वनीम्॥ पूर्णन्दु निभां गौरी सोमचक्रस्थितां अष्टमं महागौरी त्रिनेत्राम्। वराभीतिकरां त्रिशूल डमरूधरां महागौरी भजेम्॥ पटाम्बर परिधानां मृदुहास्या......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

 माँ कालरात्रि के ध्यान और उपासना मंत्र, स्त्रोत और कवच पाठ

माँ कालरात्रि के मंत्र, स्त्रोत और कवच पाठ माँ कालरात्रि का ध्यान करालवदनां घोरांमुक्तकेशींचतुर्भुताम्। कालरात्रिंकरालिंकादिव्यांविद्युत्मालाविभूषिताम्॥ दिव्य लौहवज्रखड्ग वामाघो‌र्ध्वकराम्बुजाम्। अभयंवरदांचैवदक्षिणोध्र्वाघ:पाणिकाम्॥ महामेघप्रभांश्यामांतथा चैपगर्दभारूढां। घोरदंष्टाकारालास्यांपीनोन्नतपयोधराम्॥ सुख प्रसन्न वदनास्मेरानसरोरूहाम्। एवं संचियन्तयेत्कालरात्रिंसर्वकामसमृद्धिधदाम्॥ माँ कालरात्रि का स्तोत्र हीं कालरात्रि श्रींकराली......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

माँ कात्यायनी के उपासना और ध्यान मंत्र, श्लोक, स्त्रोत और कवच पाठ

माँ कात्यायनी मंत्र, श्लोक, स्त्रोत और कवच पाठ मां दुर्गा अपने छठे स्वरूप में कात्यायनी के नाम से जानी जाती है। महर्षि कात्यायन के यहां पुत्री के रूप में उत्पन्न हुई आश्विन कृष्ण चतुर्दशी को जन्म लेकर शुक्ल सप्तमी, अष्टमी तथा नवमी तक तीन दिन उन्होंने कात्यायन ऋषि की पूजा ग्रहण कर दशमी को महिषासुर का वध किया था। इनका स्वरूप अत्यंत ही भव्य एवं दिव्य है। इनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला, और भास्वर है। इनकी चार भुजाएं हैं। माता जी का दाहिनी तरफ का......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

राम रक्षा स्त्रोत – सुनिए चमत्कारी राम रक्षा स्त्रोतम और साथ ही पाठ करने की विधि और लाभ

राम रक्षा स्त्रोत  – Ram Raksha Strot Mp3 Downlaod  राम रक्षा स्त्रोत (Ram Raksha Strot With Hindi Meaning) को ग्यारह बार एक बार में पढ़ लिया जाए तो पूरे दिन तक इसका प्रभाव रहता है। अगर आप रोज 45 दिन तक राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करते हैं तो इसके फल की अवधि बढ़ जाती है। इसका प्रभाव दुगुना तथा दो दिन तक रहने लगता है और भी अच्छा होगा यदि कोई राम रक्षा स्त्रोत को नवरात्रों में प्रतिदिन 11 बार पढ़े । रामरक्षा स्त्रोत करने की विधि सरसों के दाने......

मंत्र-श्लोक-स्त्रोतं

माँ कूष्मांडा के मंत्र, कवच, स्त्रोत और ध्यान उपासना

माँ कूष्मांडा मंत्र – Maa Kushmanda Mantra & Strot माँ कूष्मांडा का ध्यान वन्दे वांछित कामर्थे चन्द्रार्घकृत शेखराम्। सिंहरूढा अष्टभुजा कुष्माण्डा यशस्वनीम्॥ भास्वर भानु निभां अनाहत स्थितां चतुर्थ दुर्गा त्रिनेत्राम्। कमण्डलु चाप, बाण, पदमसुधाकलश चक्र गदा जपवटीधराम्॥ पटाम्बर परिधानां कमनीया कृदुहगस्या नानालंकार भूषिताम्। मंजीर हार केयूर किंकिण रत्‍‌नकुण्डल मण्डिताम्। प्रफुल्ल वदनां नारू चिकुकां कांत कपोलां तुंग कूचाम्। कोलांगी......