श्री कृष्णा भजन

भगवान श्री कृष्ण के अति मधुर Top 10 हिंदी भजन 2018

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श्री कृष्णा भजन – Shri Krishna Bhajan Lyrics & Mp3 Download 

राधे कृष्णा की ज्योति अलोकिक तीनों लोक में छाये

राधे कृष्णा की ज्योति अलोकिक तीनों लोक में छाये रही हैभक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन फिर भी दीप जलाये रही है

कृष्ण को गोकुल से राधे को कृष्ण को गोकुल से राधे को

बरसाने से बुलाय रही है दोनों करो स्वीकार कृपा कर जोगन आरती गाये रही है

भोर भये ते सांज ढ़ले तक सेवा कौन इतनेम म्हारो

स्नान कराये वो वस्त्र ओढ़ाए वो भोग लगाए वो लागत प्यारो

कबते निहारत आपकी और की आप हमारी और निहारो

राधे कृष्णा हमारे धाम को जानी वृन्दावन धाम पधारो

 दुख हरो द्वारिकानाथ शरण मैं तेरी

तुम कहाँ छुपे भगवान करो मत देरी | दुःख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||दुख हरो द्वारिकानाथ शरण मैं तेरी ||

यही सुना है दीनबन्धु तुम सबका दुख हर लेते | जो निराश हैं उनकी झोली आशा से भर देते ||

अगर सुदामा होता मैं तो दौड़ द्वारका आता | पाँव आँसुओं से धो कर मैं मन की आग बुझाता ||

तुम बनो नहीं अनजान, सुनो भगवान, करो मत देरी | दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||

जो भी शरण तुम्हारी आता, उसको धीर बंधाते | नहीं डूबने देते दाता, नैया पार लगाते ||

तुम न सुनोगे तो किसको मैं अपनी व्यथा सुनाऊँ | द्वार तुम्हारा छोड़ के भगवन और कहाँ मैं जाऊँ ||

प्रभु कब से रहा पुकार, मैं तेरे द्वार, करो मत देरी |  दुख हरो द्वारकानाथ शरण मैं तेरी ||

श्री राधा कृष्णाय नमः

श्री राधा कृष्णाय नमः ..श्री राधा कृष्णाय नमः ..

ॐ जय श्री राधा जय श्री कृष्ण श्री राधा कृष्णाय नमः ..

चन्द्रमुखी चंचल चितचोरी, जय श्री राधा  सुघड़ सांवरा सूरत भोरी, जय श्री कृष्ण
श्यामा श्याम एक सी जोड़ी  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

पंच रंग चूनर, केसर न्यारी, जय श्री राधा  पट पीताम्बर, कामर कारी, जय श्री कृष्ण
एकरूप, अनुपम छवि प्यारी  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

चन्द्र चन्द्रिका चम चम चमके, जय श्री राधा मोर मुकुट सिर दम दम दमके, जय श्री कृष्ण
जुगल प्रेम रस झम झम झमके  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

कस्तूरी कुम्कुम जुत बिन्दा, जय श्री राधा चन्दन चारु तिलक गति चन्दा, जय श्री कृष्ण
सुहृद लाड़ली लाल सुनन्दा  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

घूम घुमारो घांघर सोहे, जय श्री राधा  कटि कटिनी कमलापति सोहे, जय श्री कृष्ण
कमलासन सुर मुनि मन मोहे  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

रत्न जटित आभूषण सुन्दर, जय श्री राधा  कौस्तुभमणि कमलांचित नटवर, जय श्री कृष्ण
तड़त कड़त मुरली ध्वनि मनहर   श्री राधा कृष्णाय नमः ..

राधा राधा कृष्ण कन्हैया जय श्री राधा  भव भय सागर पार लगैया जय श्री कृष्ण .
मंगल मूरति मोक्ष करैया  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

मन्द हसन मतवारे नैना, जय श्री राधा  मनमोहन मनहारे सैना, जय श्री कृष्ण
जटु मुसकावनि मीठे बैना  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

श्री राधा भव बाधा हारी, जय श्री राधा  संकत मोचन कृष्ण मुरारी, जय श्री कृष्ण

एक शक्ति, एकहि आधारी  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

जग ज्योति, जगजननी माता, जय श्री रा्धा  जगजीवन, जगपति, जग दाता, जय श्री कृष्ण
जगदाधार, जगत विख्याता  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

राधा, राधा, कृष्ण कन्हैया, जय श्री रा्धा भव भय सागर पार लगैया, जय श्री कृष्ण
मंगल मूरति, मोक्ष करैया श्री राधा कृष्णाय नमः ..

सर्वेश्वरी सर्व दुःखदाहनि, जय श्री रा्धा  त्रिभुवनपति, त्रयताप नसावन, जय श्री कृष्ण
परमदेवि, परमेश्वर पावन  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

त्रिसमय युगल चरण चित धावे, जय श्री रा्धा  सो नर जगत परमपद पावे, जय श्री कृष्ण
राधा कृष्ण ‘छैल’ मन भावे  श्री राधा कृष्णाय नमः ..

 राधे रानी की जय बरसाने वाली की जय

बोलो बरसाने वाली की जय जय जय  श्याम प्यारे की जय
बंसीवारे की जय  बोलो पीत पटवारे की जय जय
मेरे प्यारे की जय मेरी प्यारी की जय

गलबाँहें डाले छवि न्यारी की जय
राधे रानी की जय जय महारानी की जय नटवारी की जय बनवारी की जय
राधे रानी की जय  जयमहारानी की जय   बोलो बरसानेवाली की जय जय जय
राधे से रस ऊपजे, रस से रसना गाय ।  अरे कृष्णप्रियाजू लाड़ली, तुम मो पे रहियो सहाय ॥

राधे रानी की जय जय महारानी की जय
वृष्भानु दुलारी की जय बोलो कीरथि प्यारी की जय जय जय ??
बोलो बरसानेवाली की जय जय जय
मेरे प्यारे की जय मेरी प्यारी की जय
नटवारी की जय बनवारी की जय
गलबाँहें डाले छवि न्यारी की जय
वृन्दावन के वृक्ष को मरम न जाने कोय । जहाँ डाल डाल और पात पे श्री राधे राधे होय ॥

राधे रानी की जय जय महारानी की जय
बोलो बरसानेवाली की जय  एक चंचल एक भोली भाली की जय
राधे रानी की जय जय  महारानी की जय
वृन्दावन बानिक बन्यो  जहाँ भ्रमर करत गुंजार । अरी दुल्हिन प्यारी राधिका, अरे दूल्हा नन्दकुमार ॥

राधे रानी की जय जय महारानी की जय नटवारी की जय बनवारी की जय
एक चंचल एक भोली भाली की जय वृन्दावन से वन नहीं, नन्दगाँव सो गाँव ।

बन्सीवट सो वट नहीं, कृष्ण नाम सो नाम ॥

बन्सीवारे की जय  बन्सीवारे की जय  बोलो पीतपटवारे की जय जय जय
राधे रानी की जय जय  महारानी की जय

राधे मेरी स्वामिनी मैं राधे की दास । जनम जनम मोहे दीजियो श्री वृन्दावन वास ॥

सब द्वारन को छाँड़ि के, अरे आयी तेरे द्वार । वृषभभानु की लाड़ली, तू मेरी ओर निहार ॥

राधे रानी की जय जय महारानी की जय जय हो  !
बोलो वृन्दावन की जय ।  अलबेली सरकार की जय । बोलो श्री वृन्दावन बिहारी लाल की जय ॥

मुझे चरणों से लगा ले मेरे श्याम मुरली वाले

मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥

मुझे चरणों से लगा ले,मेरे श्याम मुरली वाले।

भक्तो की तुमने कान्हा, विपदा है टारी।मेरी भी बाह थामो, आ के बिहारी।

बिगड़े बनाए तुमने, हर काम मुरली वाले॥

मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥

पतझड़ है मेरा जीवन, बन के बहार आजा।सुन ले पुकार कान्हा ,बस एक बार आजा।

बैचैन मन के तुम ही, आराम मुरली वाले॥

मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥

तुम हो दया के सागर, जनमों की मैं हूँ प्यासी।दे दो जगह मुझे भी, चरणों में बस ज़रा सी।

सुबह तुम ही हो, तुम ही, मेरी शाम मुरली वाले॥

मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥

मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले।
मेरी सांस सांस में तेरा, है नाम मुरली वाले॥मुझे चरणों से लगा ले, मेरे श्याम मुरली वाले

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई॥

जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई। तात मात भ्रात बंधु, आपनो न कोई॥

छांड़ि दई कुलकी कानि, कहा करिहै कोई। संतन ढिग बैठि बैठि, लोकलाज खोई॥

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई

लोकलाज चुनरीके किये टूक ओढ़ लीन्हीं लोई। मोती मूंगे उतार, बनमाला पोई॥

अंसुवन जल सींचि-सींचि प्रेम-बेलि बोई। अब तो बेल फैल गई, आनंद फल होई॥

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई

दूध की मथनियां, बड़े प्रेम से बिलोई। माखन जब काढ़ि लियो, छाछ पिये कोई॥

भगति देखि राजी हुई, जगत देखि रोई। दासी मीरा लाल गिरधर, तारो अब मोही॥

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई। जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई॥

कोई कहे कारो, कोई कहे गोरो कोई कहे कारो, कोई कहे गोरो
लियो है अँखियाँ खोल मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो ना कोई

कोई कहे हलको, कोई कहे भारो कोई कहे हलको, कोई कहे भारो
लियो है तराजू तौल मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो ना कोई

कोई कहै छानी, कोई कहै चोरी, कोई कहै छानी, कोई कहै चोरी,
लियो है बजता ढोल मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो ना कोई

तन का गहना मैं सब कुछ दीन्हा तन का गहना मैं सब कुछ दीन्हा
लियो है बाजूबंद खोल मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो ना कोई

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई। जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई॥

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई॥

आओ मेरी सखियो मुझे मेहंदी लगा दो

ऐसे वर को क्या वरु जो जनमे और मर जाये
वरीये गिरिधर लाल को, छु लो अमर हो जाये

आओ मेरी सखियो, मुझे मेहंदी लगा दो मेहंदी लगा दो, मुझे सुन्दर सजा दो

मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो

सतसंग मे मेरी.. बात चलाई सतगुरु ने मेरी किन्ही रे सगाई

उनको बुला के हथलेवा तो करा दो मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो

ऐसी पहनू चूड़ी जो कभी ना टूटे ऐसा वरु दूल्हा जो कभी ना छूटे

अटल सुहाग की बिंदिया लगा दो मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो

भक्ति का सुरमा मैं आँख मे लगाउंगी दुनिया से नाता तोड़, उन्ही की हो जाऊँगी

सतगुरु को बुला के फेरे तो पडवा दो मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो

बांध के घुँघरू मै उनको रिझाउँगी ले के इक तारा मै श्याम श्याम गाऊँगी

सखियों को बुलाके डोली तो सजवा दो सतगुरु को बुला के बिदा तो करा दो
मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो आओ मेरी सखियो, मुझे मेहंदी लगा दो
मेहंदी लगा दो, मुझे सुन्दर सजा दो मुझे श्याम सुन्दर की दुल्हन बना दो

बसों मेरे नैनं में नन्दलाल

बसों मेरे नैनं में नन्दलाल॥
मोहनी मुरती सवाली सुरती,
नैना बने विसार,
अधर सुधारस मुरली राजत॥
पुर बेजंती माल,
बसों मेरे नैनं में नन्दलाल……….

शुद्र घटी काय कटी तात शोबित,
नुपुर सब दरसाए,
मीरा प्रभु संततन सुख दाई,
भगत बचाल गोपाल,
बसों मेरे नैनं में नन्दलाल……..

ऐ री मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय

ऐ री मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय।
दरद की मारी बन बन डोलूं बैद मिल्यो नही कोई॥

ना मैं जानू आरती वन्दन, ना पूजा की रीत।
लिए री मैंने दो नैनो के दीपक लिए संजोये॥

घायल की गति घायल जाणै, जो कोई घायल होय।
जौहरि की गति जौहरी जाणै की जिन जौहर होय॥

सूली ऊपर सेज हमारी, सोवण किस बिध होय।
गगन मंडल पर सेज पिया की, मिलणा किस बिध होय॥

दरद की मारी बन-बन डोलूं बैद मिल्या नहिं कोय।
मीरा की प्रभु पीर मिटेगी जद बैद सांवरिया होय॥

मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री

मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री
कैसो चटक रंग डारो
श्याम मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग री कैसो चटक रंग डारों
औरन को अचरा ना छुअत है
या की मोहि सो लग रही राग री
या की मोहि सो लग रही राग री
कैसो चटक रंग डारों
श्याम मेरी चुनरी में पड गयो दाग री कैसो चटक रंग डारों
मो सो कहाँ कोउ सुन्दर नारी
ये तो मोही सो
ये तो मोहि सो खेले फाग री
कैसो चटक रंग डारो
श्याम मेरी चुनरी में पड गयो दाग री कैसो चटक रंग डारों
बल बल दास आस ब्रज छोड़ो
ऐसी होरी में लग जाये आग री
कैसो चटक रंग डारों
श्याम मेरी चुनरी में पड़ गयो दाग रि कैसो चटक रंग डारों

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Pandit Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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