आरती संग्रह

श्री गीता जी की आरती

bhagwat-geeta

श्री गीता जी (shri Geeta ji ki Aarti in hindi Mp3)

करो आरती गीता जी की ||

जग की तारन हार त्रिवेणी, स्वर्गधाम की सुगम नसेनी |

अपरम्पार शक्ति की देनी, जय हो सदा पुनीता की ||

ज्ञानदीन की दिव्य-ज्योती मां, सकल जगत की तुम विभूती मां |

महा निशातीत प्रभा पूर्णिमा, प्रबल शक्ति भय भीता की || करो०

अर्जुन की तुम सदा दुलारी, सखा कृष्ण की प्राण प्यारी |

षोडश कला पूर्ण विस्तारी, छाया नम्र विनीता की || करो० ||

श्याम का हित करने वाली, मन का सब मल हरने वाली |

नव उमंग नित भरने वाली, परम प्रेरिका कान्हा की || करो० ||

Tags

Author’s Choices

हर कष्टों के निवारण के लिए जपे ये हनुमान जी के मंत्र, श्लोक तथा स्त्रोत

सूर्य नमस्कार : शरीर को सही आकार देने और मन को शांत व स्वस्थ रखने का उत्तम तरीका

कपालभाति प्राणायाम : जानिए करने की विधि, लाभ और सावधानियाँ

डायबिटीज क्या है, क्यों होती है, कैसे बचाव कर सकते है और डाइबटीज (मधुमेह) का प्रमाणित घरेलु उपचार

कोलेस्ट्रोल : कैसे करे नियंत्रण, घरेलु उपचार, बढ़ने के कारण और लक्षण

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग : उत्तराखंड के चार धाम यात्रा में सबसे प्रमुख और सर्वोच्च ज्योतिर्लिंग

गृह प्रवेश और भूमि पूजन, शुभ मुहूर्त और विधिपूर्वक करने पर रहेंगे दोष मुक्त और लाभदायक

लघु रुद्राभिषेक पूजा : व्यक्ति के कई जन्मो के पाप कर्मो का नाश करने वाली शिव पूजा

तो ये है शिव के अद्भुत रूप का छुपा गूढ़ रहस्य, जानकर हक्के बक्के रह जायेंगे

शिव मंत्र पुष्पांजली तथा सम्पूर्ण पूजन विधि और मंत्र श्लोक

श्रीगणेश प्रश्नावली यंत्र के 64 अंकों से जानिए अपनी परेशानियों का हल