राजस्थानी भजन

गरुड़ चढ़ आवो मारा श्याम धणी

गरुड़ चढ़ आ ओ म्हारा श्याम धणी,

मोयदासी पर भीड़ पड़ी ||

पिता – भीम मै दोष नहीं है ,

वैरण म्हारी जननी भई || | ||

रुकमनियो शिशुपाल बुलायो , बंध गई मोंड़ो री तनी ||2||

कवल कियो प्रभु तीन दिनों रो ,

दिन रे यो आधी रे घडी ||3||

पदम् बने प्रभु मै पयेलागु , मेटो मारे चिन्तारी घडी ||4||

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