ओशो भजन

धूप में हो गई छांवरे

धूप में हो गई छांवरे (Dhup me Ho gyi Chaavre Bhajan in hindi Mp3)

धूप में हो गई छांवरे, मिल गया अपना गांव रे

ओशो जब जीवन में आये, पाया घर का ठांवरे!

कर्म हो गया ध्यान रे, खो गईं जग की चाहरे

ओशो के आशीष जो बरसे, मंजिल बन गई राह रे!

प्रेम ने ऐसे पंख पसारे, भक्ति-गगन में हंस उड़ारे

ओशो की करुणा से जैसे, मीरा हो गई श्याम रे!

गहरी नदिया दूर किनारे, ओशो माझी बने हमारे

साक्षी की अद्भुत पतवारें, पार हो गई नावरे!


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Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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