Category: हिन्दू व्रत त्यौहार

दीपावली से जुड़ी कथाएं व मान्यताएं

दीपावली पर्व क्यों महत्वपूर्ण है ? ऋद्धि-सिद्धि, धन एवं वैभव की प्राप्ति के निमित्त दीपावली का त्योहार प्रतिवर्ष कार्तिक मास की अमावस्या को हर्षोल्लास के साथ लक्ष्मीजी का पूजन करके मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम चौदह वर्षों का वनवास पूरा करके और लंकेश्वर रावण का वध करके अयोध्या लौटे थे। फिर अयोध्या के […]

नौ दिन ऐसे करें मां भगवती को प्रसन्न

कैसे सम्पन्न करें नवरात्र ? नवरात्र में अपने कुलाचार के अनुसार घट स्थापन, अखंड दीप प्रज्वलन एवं माला बंधन किया जाना चाहिए। खेत से मृत्तिका लाकर उसकी दो अंगुल चौड़ी चौकोर सतह बनाएं एवं उसमें सप्त धान्य बोएं। उसी तरह तांबे का कलश लेकर उसमें जल, गंध, फूल, अक्षत, सुपारी, पंचपल्लव, पंचरत्न तथा सिक्के डालें। […]

गंगा दशहरा और इसका पौराणिक महत्व

गंगा दशहरे पर स्नान क्यों? यह त्योहार ज्येष्ठ मास के शुक्लपक्ष की दशमी को गंगा के पवित्र जल में स्नान करके मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि गंगा दशहरे के दिन गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। कालसर्प योग से मुक्ति एवं मन के विकारों को शांत करने के लिए इस पावन त्योहार […]

हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व

नवरात्र पूजन क्यों? ‘नवरात्र’ शब्द में ‘नव’ संख्यावाचक होने से नवरात्र के दिनों की संख्या नौ तक ही सीमित होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है। कुछ देवताओं के 7 दिनों के तो कुछ देवताओं के 9 या 13 दिनों के नवरात्र हो सकते हैं। सामान्यतया कुलदेवता और इष्टदेवता का नवरात्र संपन्न करने का कुलाचार है। […]

जीवन के शृंगार है पर्व

पर्वों का महत्व क्यों? भारत के त्योहार देश की एकता एवं अखंडता के प्रतीक हैं, सभ्यता एवं संस्कृति के दर्पण हैं; राष्ट्रीय उल्लास, उमंग और उत्साह के प्राण हैं, प्रेम और भाईचारे का संदेश देने वाले हैं। यहां तक कि जीवन के शृंगार हैं। इनमें मनोरंजन और उल्लास स्वतः स्फूर्त होता है। त्योहारों के माध्यम […]

कैसे और क्यों किया जाता है नवरात्रि में कन्या पूजन

नवरात्रि में कन्या पूजन क्यों? नवरात्र पर्व के दौरान कन्या पूजन का बड़ा महत्व है. नौ कन्याओं को नौ देवियों के प्रतिबिंब के रूप में पूजने के बाद ही भक्तों का नवरात्र व्रत पूरा होता है. अपने सामर्थ्य के अनुसार उन्हें भोग लगाकर दक्षिणा देने मात्र से ही मां दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं. कन्या […]