Category - भक्ति

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इस तरह शिवजी करेंगे आपकी गृहस्थी को शुभ और लाभ से भरपूर

श्रीपुराणपुरुषोत्तमाय नम :, श्री गणेशाय नम: भवाब्धिमग्नं दिनं मां समुन्भ्दर भवार्णवात | कर्मग्राहगृहीतांग दासोऽहं तव् शंकर || श्री शिवपुराण – माहात्म्य रूद्रसंहिता......

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महा लक्ष्मी को प्रसन्न करने की अचूक विधि और मंत्र

Lakshmi pujan hindi : धन, संपत्ति अर्थात पैसा वर्तमान में मनुष्य की सबसे बड़ी जरुरत है। पैसे से ही मनुष्य के जीवन की तमाम भौतिक जरुरतें पूरी होती हैं। धन, संपत्ती, समृद्धि का एक नाम......

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जन्म से पूर्व जीवन : गर्भधारण होने से पूर्व

१. जन्म से पहले का जीवन-एक परिचय क्या मेरे पास यही जीवन है ? जन्म से पूर्व हम कहां होते हैं ? मृत्यु के उपरांत हम कहां जाते हैं ? लगभग हम सभी इन प्रश्‍नों से परिचित होंगे । कुछ......

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योग्य गुरु के मागदर्शन मे बढाए ईश्वर प्राप्ति की ओर क़दम

जिस प्रकार ईश्वर द्वारा निर्मित मनुष्य, प्राणी आदि को मन एवं बुद्धि होती है, उसी प्रकार ईश्वर द्वारा निर्मित संपूर्ण विश्व के विश्वमन और विश्वबुद्धि होते हैं, जिनमें......

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हिन्दु धर्मानुसार व्यक्ति के पुनर्जन्म के कारण ये हो सकते है

संसार में कुछ वर्ग विशेष के लोग यह मानते हैं कि व्यक्ति का बार बार जन्म नहीं होता तथा प्रत्येक व्यक्ति का केवल एक ही जन्म होता है। इस धारणा को यदि सच मान लिया जाए तो मानव जीवन......

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देवो के देव महादेव “शिव” के बारे मे इतना तो जानना ही चाहिए

कौन हैं शिव :  शिव संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है, कल्याणकारी या शुभकारी। यजुर्वेद में शिव को शांतिदाता बताया गया है। ‘शि’ का अर्थ है, पापों का नाश करने वाला, जबकि......

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रामनवमी – मर्यादा पुरषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का दिन

रामनवमी 2017 चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था। इस दिन पूरे देश भर में श्रीराम जन्मोत्सवों की धूम रहती है साथ ही हिंदुओं के लिए यह दिन अंतिम......

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मनुष्य की आयु घटाने व बढ़ाने वाले कर्म जानकर रहे 100 वर्ष जीवित

हमारे प्राचीन धर्म ग्रंथों के अनुसार हम मनुष्यों की आयु लगभग 100 वर्ष या उससे अधिक मानी गयी है लेकिन वर्तमान समय में हमारे रहन सहन, विचारों, कर्मों के कारण हमारी आयु में......

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गोमुखी कामधेनु शंख : मन की कल्पनाओ को पूर्ण करने वाला चमत्कारिक शंख

शंख निधि का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि इस मंगलचिह्न को घर के पूजास्थल में रखने से अरिष्टों एवं अनिष्टों का नाश होता है और सौभाग्य की वृद्धि होती है। भारतीय......

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गंधमादन पर्वत – कलयुग में जहा हनुमान जी स्वयं विराजते है

श्री हनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास ने भी लिखा है कि – ‘चारो जुग परताप तुम्हारा है परसिद्ध जगत उजियारा।’ इस चौपाई में साफ संकेत है कि हनुमान जी ऐसे देवता है, जो हर युग......

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