Category - श्री राम भजन

श्री राम भजन

ठुमक चलत रामचंद्र

PlayStop Xठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियां .. किलकि किलकि उठत धाय गिरत भूमि लटपटाय . धाय मात गोद लेत दशरथ की रनियां .. अंचल रज अंग झारि विविध......

श्री राम भजन

कौशल्या रानी अपने लला

कौशल्या रानी अपने लला को दुलरावे सुनयना रानी अपनी लली को दुलरावे मुख चू्मे और कण्ठ लगावे मन में मोद में मनावे कौशल्या रानी मन में मोद में मनावे शिव ब्रह्मा जाको पार न पावे......

श्री राम भजन

दूलह राम सीय दुलही री

दूलह राम, सीय दुलही री । घन दामिनि बर बरन हरन मन । सुन्दरता नख सिख निबही री ॥ तुलसीदास जोरी देखत सुख ।सोभा अतुल न जात कही री ॥ रूप रासि विरचि बिरंचि मनु । सिला लमनि रति काम......

श्री राम भजन

रघुवर की सुधि आई

आज मुझे रघुवर की सुधि आई ।  आगे आगे राम चलत हैं । पीछे लछमन भाई । तिनके पीछे चलत जानकी ।बिपत कही ना जाई ॥ सीया बिना मोरी सूनी रसोई । लछमन बिन ठकुराई । राम बिना मोरी सूनी......

श्री राम भजन

राम दो निज चरणों में स्थान

राम दो निज चरणों में स्थान शरणागत अपना जन जान अधमाधम मैं पतित पुरातन । साधन हीन निराश दुखी मन।अंधकार में भटक रहा हूँ । राह दिखाओ अंगुली थाम। राम दो ... सर्वशक्तिमय राम......

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