Category - ओशो भजन

ओशो भजन

आनंद ही आनंद बरस रहा

आनंद ही आनंद बरस रहा (Anand hi Anand Baras rha bhajan in hindi Mp3) PlayStop X आनंदहीआनंदबरसरहाबलिहारीऐसेसदगुरुकी। धन-धन्यहमारेभागहुए, गुरुकेचरणोंकीखाकहुए; ओशो में दरस हुए प्रभु के; बलिहारी ऐसे सदगुरु की। क्या अनुपम रूप निराला है, साकी है या मधुशाला है; भ्रम भव सागर से पार किया, बलि हारी ऐसे सदगुरु की। क्या ध्यान की धारा बहा दिया, क्या प्रेम की बगिया लगा दिया; खिल रहा खूब ओशो-उपवन, बलिहारी ऐसे सदगुरु की। ओशो की यह अमृत धारा, क्या खूब बही ओशो......

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अब हृदय में भक्ति के

अब हृदय में भक्ति (Ab Hridy me bhakti bhajan in hindi Mp3) PlayStop Xअब हृदय में भक्ति के ये रंग भर जाने दो, आज कुछ सत्संग में जीवन निखर जाने दो। क्या पता फिर लौटक रआये नआये ये घड़ी, प्रभु चरण में प्रेम के कुछ पुष्प झर जाने दो।नित नई आनंद लीला हो रही है ओशो की, रास की वंशी के सुर पे गीत कुछ गाने दो। हम न जाने किस जनम के पुण्य से मौजूद हैं, बह रही है ओशो धारा डूबत रजाने दो।

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इक ओशो क्या आए

इक ओशो आए (Ek Osha kya aaya Bhajan in hindi Mp3) PlayStop Xइक ओशो क्या आए, खुद चांद उतर आया। धरती से मिलने को, आकाश उतर आया।। बह की बह की सीहवा, मह कीमह की सी फिजां। पतझड़ को रिझाने को, रितु राज उतर आया।।सूरज छुप गया कहीं, तारे शरमाने लगे। कुचवाड़ा अवध हुआ, इक राम उतर आया।। अन हद की वंशी बजी, हर राधा उमड़ पड़ी। इक महारास लेकर, घन श्याम उतर आया।। जीने की क्या चिंता, मरने से कैसा डर; सद्गुरु बन कर लेने, भगवान उतर आया।

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ओशो नमन तुम्हें

ओशो नमन तुम्हें (Osha Naman Tumhe Bhajan in hindi Mp3) ओशो नमन तुम्हें हमें जीना सिखा दिया; जीवन के मयखाने में पीना सिखा दिया। व्रत-तीर्थ क्रिया-कर्म से हम को छुड़ा दिया; सीधे-सरल से ध्यान में, हम को डुबा दिया।। भोग-त्याग के सपनों से, जग को जगा दिया;दो पाटन से मुक्त हो जीना सिखा दिया।। भटके हुए को मील का पत्थर दिखा दिया; चलने वाले राही को, मंजिल बता दिया।। हरि-नाम का सरगम हमें भीतर सुना दिया; ओंकार के सुमिरन में रहना सुझा दिया।।

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ओशो के दीवाने हैं

ओशो के दीवाने हैं (Osho ke Diwane hai bhajan in hindi Mp3) ओशोकेदीवानेहैं, आनंदमनातेहैं; हंसतेनाचतेगातेहैं, हमध्यानमेंजातेहैं। नातोहमदुश्मनहैंमनके, नाहीशत्रुअपनेतनके; ना त्यागी ना लोभी धन के, हम हैं रिंद परम जीवन के। नर्क का भयन स्वर्ग कामना, ना दुनिया की कोई वासना; मिट गई मुक्ति की भी चाहना, इसे ही असली मोक्ष जानना। मस्ती का यूं उठा बवंडर, गिर गए कर्म बंध के खंडहर; अब तो सारा जग है मंदिर, ब्रह्म ही बाहर ब्रह्म ही भीतर। नाक हीं मैं है नाक हीं तू......

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ध्यान की मदिरा

ध्यान की मदिरा (Dhyan ki Mandira Bhajan in hindi Mp3)  ध्यान की मदिरा हमें ओशो ने पिलाई है। क्या अजब मस्ती मेरी जिंदगी पे छाई है।। शोर गुल मन के हुए शांत, अनाहत गूंजा। श्याम ने बांसुरी की मीठी धुन सुनाई है।।कभी दुनिया से प्यार पाने को तरसते थे। हुई अब भीतरी सियाराम की सगाई है।। शब्द मुर्शिद के समझ आए, जब नि शब्द हुए। मौन इशारों से कलाजी ने की सिखाई है।। दे हमं दिरबनी और काम हो गए पूजा। शून्य होते ही उतर आई यह समाधि है।।

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धूप में हो गई छांवरे

धूप में हो गई छांवरे (Dhup me Ho gyi Chaavre Bhajan in hindi Mp3) धूप में हो गई छांवरे, मिल गया अपना गांव रे ओशो जब जीवन में आये, पाया घर का ठांवरे! कर्म हो गया ध्यान रे, खो गईं जग की चाहरे ओशो के आशीष जो बरसे, मंजिल बन गई राह रे!प्रेम ने ऐसे पंख पसारे, भक्ति-गगन में हंस उड़ारे ओशो की करुणा से जैसे, मीरा हो गई श्याम रे! गहरी नदिया दूर किनारे, ओशो माझी बने हमारे साक्षी की अद्भुत पतवारें, पार हो गई नावरे!

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वीणा हृदय की

वीणा हृदय (Vina Hridy ki bhajan in hindi Mp3) भक्तों के तुम प्राण पति हो, ध्यानी जन के तुम हो ध्यान; धन्य हुए हम दर्शन पाकर, हे ओशो, प्यारे भगवान।  वीणा हृदय की छेड़कर, जीवन में उत्सव लाए; अन हद का संगीत सुनाकर, भाग्य हमारे जगाए। तन मन मेंआनंद लाए; ओशो… ओशो… ओशो…।  जीवन के कोरे कागज पर, कितने रंग सजाए; क्रांति बीज बोए, शांति दीप जलाए। ईश्वर ने जन्म दिया पर, तुम जीवन कला सिखाए।  धन्य पिता स्वामी देवतीर्थ, जिन के सुपुत्र बन आए;......

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ओशो ने हिमालय से पुकारा

ओशो ने हिमालय से पुकारा (Osho ne Himalaya se pukara Bhajan in hindi Mp3) ओशो ने हिमालय से पुकारा, है कोई ले वन हारा। कितने जन्म गंवाए हमने, मिटा न मन का अंधेरा; जब-जब मुक्ति चाही तब-तब, बढ़़ता गया नया घेरा। हाय फिर भी आया ना उजाला, है कोई ले वन हारा। कितनी राहें बदली हमने, कितने भटके-भूले; रूप संवारे, संवरन पाया, दर्पण झूठन बोले। सच्चा ना रूप निखारा, है कोई ले वन हारा। कितने महल बना ये हमने, खंडहर हो गए सपने; चमन कितने हमने लगाए, बिखर गए सब अपने।......

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दिल जिस से ज़िन्दा है

दिल जिस से ज़िन्दा है (Dil Jis se Jinda hai Bhajan in hindi Mp3) PlayStop X   दिल जिस से ज़िन्दा है, वो तमन्ना तुम्हीं तो हो, आबाद रूह जिससे, वो अरमां तुम्हीं तो हो।  दौलत की है तलाश जिन्हें, उनको हो नसीब, मेरी हर खुशी है जिससे, वो दुनिया तुम्हीं तो हो।  रोजा़, नमाज़, हज का, हमें कुछ नहीं पता, मेरा सर झुके जहां, वो काबा तुम्हीं तो हो।  कुछ कहते पास हैं, कुछ कहते दूर हैं, मुझे जिसकी है तलाश, वो खुदा तुम्हीं तो हो। सूरज कहूं या चांद कहूं, आसमां कहूं......

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