Category - मीराबाई भजन

मीराबाई भजन

मीरा मगन भई

मीरा मगन भई हरी के गुण गाये सांप पिटारा राणा भेजा मीरा हाथ दियो जाये धन्य भोया जब देखें लगी शालिग्राम गयी पाये ज़हर का प्याला राणा भेजा अमृत दिया बनायेधन्य भोया जब पिबन् लगी हो गयी अमर अथय सूली सेज़ राणा ने भेजी दीज्यो मीरा सुवाया साँझ भाई......

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मनमोहन कान्हा

मनमोहन कान्हा विनती करूँ दिन रेन रह ताके मेरे नैन अब तो दरस देदो कुँज बिहारी मनवा है बेचैन नेह की डोरी तुम संग जोरि हमसे तो नहीं जावेगी तोड़ी हे मुरली धर कृष्ण......

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ऐकली खड़ी रे मीरा बाई

ऐकली खड़ी रे मीरा बाई एक्ली खड़ी ओ हो मोहन आओ तो सही गिरधर आओ तो सही माधव रे मंदिर में मीरा बाई ऐकली खड़ीथे केहवो तो सांवरा मैं मोर मुकुट बन जाऊं पेहरण लागे साँवरों रे, मस्तक......

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मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई

मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥ पिव कारण बौरी भई, ज्यूं काठहि घुन खाई॥ मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥ ओखद मूल न संचरै, मोहि लाग्यो बौराई॥ मैं हरि बिन क्यूं जिऊं री माई॥कमठ......

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दीनन दुख हरन देव

दीनन दुख हरन देव, सन्तन सुखकारी । अजामील गीध व्याध, इनमें कहो कौन साध, पंछी हूँ पद पढ़ात, गनिका-सी तारी । ध्रुव के सिर छत्र देत, प्रहलाद कहँ उबार देत,भगत हेत बांध्यो सेत......

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तुम बिन मेरी कौन खबर ले

तुम बिन मेरी कौन खबर ले, गोवर्धन गिरधारी । मोर मुकुट पीताम्बर सोहे, कुंडल की छवि न्यारी रे ।भरी सभा में द्रौपदी ठाढ़ी, राखो लाज हमारी रे । मीरा के प्रभु गिरधर नागर, चरण कमल......

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मोहन गिरवरधारीको म्हारो प्रणाम

म्हारो प्रणाम बांकेबिहारीको। मोर मुकुट माथे तिलक बिराजे।  कुण्डल अलका कारीको म्हारो प्रणामअधर मधुर कर बंसी बजावै।  रीझ रीझौ राधाप्यारीको म्हारो प्रणाम यह छबि देख......

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अब तो निभायां सरेगी

अब तो निभायां सरेगी बांह गहे की लाज। समरथ शरण तुम्हारी सैयां सरब सुधारण काज॥  भवसागर संसार अपरबल जामे तुम हो जहाज।गिरधारां आधार जगत गुरु तुम बिन होय अकाज॥  जुग जुग भीर......

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नटवर नागर नन्दा

नटवर नागर नन्दा भजो रे मन गोविन्दा श्याम सुन्दर मुख चन्दा भजो रे मन गोविन्दा। तू ही नटवर तू ही नागर तू ही बाल मुकुन्दा सब देवन में कृष्ण बड़े हैं ज्यूं तारा बिच चंदा।सब......

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बड़ी दूर नगरी

दूर नगरी बड़ी दूर नगरी-नगरी कैसे आऊं मैं तेरी गोकुल नगरी दूर नगरी बड़ी दूर नगरी रात को आऊं कान्हा डर माही लागेदिन को आऊं तो देखे सारी नगरी। दूर नगरी॥। सखी संग आऊं कान्हा......

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