Category - रत्न और राशि

रत्न और राशि

बृहस्पति के अशुभ होने पर वैवाहिक जीवन और भाग्य पर पड़ता है प्रतिकूल प्रभाव, जानिए उपाय

बृहस्पति / गुरु गृह शांति के उपाय बृहस्पति/गुरू एक राशि में 13 मास तक निवास करते हैं और सूर्य, चन्द्र और मंगल इनके मित्र है, जबकि बुध, शुक्र इनके शत्रु है तथा शनि, राहु, केतु इनके समग्रह हैं। इसके साथ ही बृहस्पति विशाखा, पुनर्वसु तथा पूर्वभाद्रपद नक्षत्रों के स्वामी भी हैं। ग्रहों में गुरु ग्रह को सबसे बड़ा और प्रभावशाली माना जाता है. अगर कुंडली में गुरु ग्रह (बृहस्पति) उच्च भाव में और मजबूत होता तो इंसान बहुत प्रगति करता है. बृहस्पति व्यक्ति को......

रत्न और राशि

तो यह है स्त्री शरीर के रहस्य और सूंदर होने के अद्भुत कारण

  स्त्री शरीर के रहस्य : स्त्रियों के शरीर पर कुछ ऐसे ही चिह्न होते हैं जिनसे उनके व्यक्तित्व के बारे में काफी कुछ पता लगाया जा सकता है। ‍आइए जानते हैं स्त्रियों के व्यक्तित्व के कुछ गुप्त रहस्य– तिल :  बायां अंग- शुभ भौहों के मध्य- राज्यप्रद गाल- मिठाइयां और स्वादिष्ट भोजन प्राप्त होते हैं नाक पर तिल- राजपत्नी कान या गले पर तिल- प्रथम संतान पुत्र होता है तलुआ : चिकने, मुलायम, सम हों- सुख भोगने वाली कटे-फटे हुए- दुख देने वाले शंख......

रत्न और राशि लाल किताब

लाल किताब और ज्योतिष के अनुसार डर भागने के सर्वोत्तम उपाय और मंत्र यही है

लाल किताब के अनुसार डर भगाने के घरेलू उपाय : दुनिया में ऐसे बहुत ही कम इंसान होते हैं जिन्हें डर नहीं लगता है। भले ही हम माने या न माने कि इस दुनिया में भूत, प्रेत, बाधा जैसी चीजें नहीं होती हैं पर समय-समय पर ये चीजें अपनी उपस्थिति का सबूत देती हैं जिससे आम इंसानों के बीच डर पैदा होता है। डर शारीरिक या भावनात्मक खतरे से सबंधित होता है। शारीरिक डर का सबंध किसी का सामना न करने की क्षमता न होने से होता है, वहीं भावनात्मक डर एक मनोवैज्ञानिक समस्या......

रत्न और राशि

चन्द्र गृह शांति का उपाय कर जीवन में लाये मानसिक शांति और आराम

Chandra Grah Shanti ke Upay :  1.चन्द्रमा को मजबूत करना हो तथा धन प्राप्ति की इच्छा हो तो मोती युक्त चन्द्र यंत्र गले में धारण करें। 2. अनिष्ट चन्द्रमा की शांति के लिए पूर्णिमा व्रत सहित चन्द्र मन्त्र का विधिवत अनुष्ठान करना चाहिए। 3. दूध का बर्तन रात क सिरहाने रखकर सुबह कीकर या यगीवृक्ष की जड़ में डालना चाहिए। 4. चारपाई के चारों पायों में चांदी की कील गाड़ना चाहिए। 5. घर की छत के नीचे कुआ या हैंडपंप न लगाना चाहिए। 6. चन्द्र नीच का हो तो चन्द्र की......

रत्न और राशि

राहु शान्ति का उपाय कर पाए जीवन में तरक्की और खुशहाली

१. राहु को प्रसन्न करने हेतु गोमेद युक्त राहु यंत्र लॉकेट गले में धारण करें। २. शिवजी पर बिल्वपत्र चढ़ाएं व शिव मंदिर के नियमित दर्शन करें। शिव जी पर धतूरे के पुष्प चढ़ावें। ३. घर में या आँगन में गोबर, लकड़ी आदि का धुंआ न जलाएं तथा रसोई में चिमनी (धुआँदानी) न रखें। ४. राहु उच्च का हो तो राहु की न दें और राहु नीच का हो तो राहु की चीजन का दान न लें। ५. हरिवंश पुराण के अनुसार जातक को पराई कन्या का दान संकल्पपूर्वक करने से पुत्र लाभ होता है। ६. झूठी......

रत्न और राशि

भाग्य चमकाने हेतु ज्योतिष और वास्तु के सरल और अचूक उपाय

मनोकामना पूर्ण करने हेतु अचूक उपाय :  घर के प्रत्येक द्वार पर प्रत्येक त्यौहार एवं मांगलिक कार्य के अवसर पर रंगोली अवश्य बनाए इससे भाग्योन्नति होती है। घर का कोई सदस्य यदि इंटरव्यू के लिए जा रहा है तो उसे दही चीनी खिलाये। जब वह घर के मुख्य द्वार पर हो तो उस पर साबुत मूंग के दाने फेंकें। जब वह सदस्य चला जाये तो दानों व झाड़ू से इकट्ठे करके बाहर फेंक दें। इंटरव्यू सफल होगा। यदि प्रतिदिन ॐ गं गणपतये नमः मन्त्र का अधिकाधिक संख्या में जाप किया जाए तो......

रत्न और राशि

गुरु रत्न पुखराज धारण करने कि विधी, लाभ और उपाय

गुरु रत्न पुखराज ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अखिल ब्रह्मांड मे विचरण कर रहे ग्रहो का रत्नों (रंगीन मूल्यवान पत्थरों ) से निकटता का संबंध होता है ।  मनुष्य के जीवन पर आकाशीय ग्रहों व उनकी बदलती चालों का प्रभाव अवश्य पड़ता है, ऐसे मे यदि कोई मनुष्य अपनी जन्म-कुंडली मे स्थित पाप ग्रहों की मुक्ति अथवा अपने जीवन से संबन्धित किसी अल्प सामर्थ्यवान ग्रह की शक्ति मे वृद्धि हेतु उस ग्रह का प्रतिनिधि रत्न धारण करता है तो उस मनुष्य के जीवन तथा भाग्य मे......

रत्न और राशि

राशिनुसार रुद्राक्ष धारण का उपाय और लाभ

राशिनुसार रुद्राक्ष धारण का उपाय १. मेष राशि (Aries) – मेष राशि में जन्म लेने वाले जातकों में पेट के विकार, रक्तचाप, शीश रोग व गुर्दे के रोग प्रायः होते रहते हैं। अतः बीमारियों व संकटों से बचे रहने के लिए इन्हे तीनमुखी रुद्राक्ष को छोड़कर कोई भी अन्य रुद्राक्ष धारण से लाभ होता है। इससे इस राशि जातकों के उग्र स्वभाव में नर्मी आएगी। वैसे मंत्रसिद्ध चैतन्य चौदहमुखी रुद्राक्ष अथवा पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करने से इनका शीघ्र भाग्योदय हो जाएगा। २. वृष......

रत्न और राशि

जीवन मे चहुमुखी खुशिया और तरक्की के लिए लाये घर मे पारद पिरामिड

पारद का प्रत्येक अक्षर एक-एक देवता का प्रतीक है। ‘पारद’ का शाब्दिक अर्थ है-प-विष्णु, अ-कालिका, र-शिव और द-ब्रह्मा। यदि पारद प्रतिमा को मंत्रात्मक क्रियाओं द्वारा चैतन्य करके पारद पिरामिड के रूप में भवन में स्थापित किया जाए तो वहां रहने वाला प्रत्येक सर्वत्र सुखशांति अनुभव करता है। चमत्कारी पारद शिवलिंग भगवान शंकर को पारा अत्यधिक प्रिय है तथा रसराज पारद भोले बाबा का शक्ति रूपी विग्रह होने के कारण ही समस्त सुरासुर तथा देवी-देवताओं के लिए अनुकरणीय......

रत्न और राशि

नवरतनों को धारण करने की विधि और रत्नों से मनोकामना सिद्धि उपाय

सूर्य का रत्न माणिक्य सूर्य ब्राह्मण का केंद्र है । इसकी शाकी से समग्र विश्व अनुप्रणित है । यह ज्योतिष की दृष्टि से आत्मकारक ग्रह है । आत्मबल और इच्छा शक्ति तथा पिता का विचार इससे किया जाता है । सूर्य को ‘भुवनस्य भर्ता ‘ और गोप्ता कहते हैं इसलिए पितृपक्ष का सामंजस्य इससे बैठ जाता है । इसमें शामक और मारक दोनों शक्तियां बड़ी प्रबल रूप मे हैं । सारे ग्रहों की अनिष्टकारकता को अकेला सूर्य नष्ट कर सकता है तो ग्रहान्तो की मारक शक्ति का शोषण भी सूर्य से......

error: Content is protected !!