शिव स्तुति

शिवाष्टकं स्तोत्र – प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथ नाथं …

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शिवाष्टकम – Shivashtkam Mp3 Download 

रुद्राष्टक बहुत प्रसिद्ध और त्वरित फलदायी है। यह रामचरित मानस से लिया गया है। यह लयात्मक स्तोत्र बहुत थोड़े समय में कंठस्थ हो जाता है और कुछ न करके यदि साधक भगवान शिव का ध्यान करते हुए केवल इस स्तोत्र का ही श्रद्धापूर्वक पाठ करे, तो वह शिवजी का कृपापात्र हो जाता है।

शिवाष्टकम रमेश भाई ओझा – Shivashtakam Stotram

Shivashtakam By Pandit Jasraj Mp3 – शिवाष्टक स्तोत्र

शिवाष्टकं इन हिंदी – Shivashtakam in Hindi

प्रभुं प्राणनाथं विभुं विश्वनाथं जगन्नाथ नाथं सदानंद भाजाम् ।

भवद्भव्य भूतॆश्वरं भूतनाथं, शिवं शंकरं शंभु मीशानमीडॆ ॥ १ ॥

गलॆ रुंडमालं तनौ सर्पजालं महाकाल कालं गणॆशादि पालम् ।

जटाजूट गंगॊत्तरंगै र्विशालं, शिवं शंकरं शंभु मीशानमीडॆ ॥ २॥

मुदामाकरं मंडनं मंडयंतं महा मंडलं भस्म भूषाधरं तम् ।

अनादिं ह्यपारं महा मॊहमारं, शिवं शंकरं शंभु मीशानमीडॆ ॥ ३ ॥

वटाधॊ निवासं महाट्टाट्टहासं महापाप नाशं सदा सुप्रकाशम् ।

गिरीशं गणॆशं सुरॆशं महॆशं, शिवं शंकरं शंभु मीशानमीडॆ ॥ ४ ॥

गिरींद्रात्मजा संगृहीतार्धदॆहं गिरौ संस्थितं सर्वदापन्न गॆहम् ।

परब्रह्म ब्रह्मादिभिर्-वंद्यमानं, शिवं शंकरं शंभु मीशानमीडॆ ॥ ५ ॥

कपालं त्रिशूलं कराभ्यां दधानं पदांभॊज नम्राय कामं ददानम् ।

बलीवर्धमानं सुराणां प्रधानं, शिवं शंकरं शंभु मीशानमीडॆ ॥ ६ ॥

शरच्चंद्र गात्रं गणानंदपात्रं त्रिनॆत्रं पवित्रं धनॆशस्य मित्रम् ।

अपर्णा कलत्रं सदा सच्चरित्रं, शिवं शंकरं शंभु मीशानमीडॆ ॥ ७ ॥

हरं सर्पहारं चिता भूविहारं भवं वॆदसारं सदा निर्विकारं।

श्मशानॆ वसंतं मनॊजं दहंतं, शिवं शंकरं शंभु मीशानमीडॆ ॥ ८ ॥

स्वयं यः प्रभातॆ नरश्शूल पाणॆ पठॆत् स्तॊत्ररत्नं त्विहप्राप्यरत्नम् ।

सुपुत्रं सुधान्यं सुमित्रं कलत्रं विचित्रैस्समाराध्य मॊक्षं प्रयाति ॥

About the author

Aaditi Dave

Hello Every One, Jai Shree Krishna, as I Belong To Brahman Family I Got All The Properties of Hindu Spirituality From My Elders and Relatives & Decided To Spreading All The Stuff About Hindu Dharma's Devotional Facts at Only One Roof.

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