ओशो भजन

अब हृदय में भक्ति के

अब हृदय में भक्ति (Ab Hridy me bhakti bhajan in hindi Mp3)

अब हृदय में भक्ति के ये रंग भर जाने दो,

आज कुछ सत्संग में जीवन निखर जाने दो।

क्या पता फिर लौटक रआये नआये ये घड़ी,

प्रभु चरण में प्रेम के कुछ पुष्प झर जाने दो।

नित नई आनंद लीला हो रही है ओशो की,

रास की वंशी के सुर पे गीत कुछ गाने दो।

हम न जाने किस जनम के पुण्य से मौजूद हैं,

बह रही है ओशो धारा डूबत रजाने दो।

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Niteen Mutha

नमस्कार मित्रो, भक्तिसंस्कार के जरिये मै आप सभी के साथ हमारे हिन्दू धर्म, ज्योतिष, आध्यात्म और उससे जुड़े कुछ रोचक और अनुकरणीय तथ्यों को आप से साझा करना चाहूंगा जो आज के परिवेश मे नितांत आवश्यक है, एक युवा होने के नाते देश की संस्कृति रूपी धरोहर को इस साइट के माध्यम से सजोए रखने और प्रचारित करने का प्रयास मात्र है भक्तिसंस्कार.कॉम

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