आयुर्वेद उपचार

हार्ट अटैक का आयुर्वेदिक इलाज

attackहार्ट अटैक एक गंभीर बीमारी है। दिल में खून का प्रभाव रूक जाता है। और समय पर उपचार न होने की वजह से रोगी की जान भी जा सकती है। इस रोग के लक्षणों के बारे में हर व्यक्ति को पता होना चाहिए। हर्ट अटैक की मुख्य वजह है मोटापा, मानसिक तनाव, बेचैनी, और चक्कर आना आदि। साथ ही खाने में अधिक मात्रा में फैट्स का इस्तेमाल करना, शाररिक श्रम न करना आदि।

दिल के दौरे के लक्षण:

*सांसों का फूलना, *पसीना आना, *उल्टी आना, *सीने में जलन होना, *पेट में दर्द रहना, *बेहोशी आना , *थकाना लगना, *घबराहट रहना

दिल की सेहत पर ही निर्भर करती है, हमारे शरीर की सेहत। और दिल को सेहतमंद रखने के लिए बहुत जरूरी है कि हम संतुलित जीवनशैली अपनाएं और नियमित व्‍यायाम करें|

स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली के लिए इन बातो का ध्यान रखे :

पर्याप्त नींद : 

हार्वर्ड के 70,000 महिलाओं पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, नींद हमारे दिल को सेहमतमंद रखने में काफी मदद करती है। इस अध्‍ययन में पाया गया कि जो लोग रात को एक घंटा अधिक सोते हैं, उन्‍हें दिल की बीमारी अन्‍य लोगों की तुलना में कम होती है। वहीं सात घंटे से कम सोने वाले लोगों को दिल की बीमारी होने की आशंका अधिक होती है|

कोलेस्ट्रॉल कम करें : 

रक्त में अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल धमनियों की भीतरी दीवारों पर जम जाता है। इससे धमनियां सिकुड़ जाती हैं और परिणामस्‍वरूप दिल तक कम मात्रा में खून पहुंचता है। इसलिए आपको चाहिए कि अपने cholesterol level नियंत्रित रखें और इसकी नियमित जांच भी करवाते रहें। high blood cholesterol, कोरोनरी हृदय रोग विकसित होने की संभावना को बढ़ा देता है।

नियमित रूप से व्यायाम करें: 

नियमित रूप से व्यायाम स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। इससे diabetes  होने की आशंका भी कम हो जाती है। मधुमेह रोगियों के बीच हार्ट अटैक का खतरा ज्‍यादा होता है। गैर इंसुलिन निर्भर मधुमेह के रोगियों में सभी मौतों में से लगभग आधी heart problem के कारण होती हैं।

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फैट से बचें: 

भोजन में तेल का प्रयोग कम कर ताजी हरी सब्जियों और फल की मात्रा बढ़ाएं। ये रेशेदार और anti oxidant source हैं जो खून की वाहिकाओं में खराब कोलेस्ट्रोल के असर को कम करती हैं। इनके प्रतिदिन प्रयोग से दिल की बीमारी से बचा जा सकता है। साथ ही junk food eating कम से कम करें। भोजन समय पर करें।

धूम्रपान न करें: 

सिगरेट पीना महिलाओं में दिल की बीमारी का सबसे प्रमुख कारण है। मध्‍यम वर्ग की महिलाओं में तंबाकू के कारण लगभग 50 प्रतिशत हार्ट अटैक के मामलें देखने को मिलते हैं। वैज्ञानिकों द्वारा यह बात सिद्ध की जा चुकी है कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों में दिल का दौरा या आकस्मिक हृदय रोग से मृत्यु होने का खतरा आम व्यक्तियों की तुलना में दोगुनी होता है। धूम्रपान छोड़ देने के 10 वर्षो के अंदर इन बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।

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वजन को नियंत्रित करें:

यदि आपका वजन अधिक है तो आपके हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। उसे तेजी से धड़कना पड़ता है। अधिक वजन का कारण imbalance diet और exercise  की कमी है, जिससे कई अन्य रोग भी जन्म लेते हैं। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका है, रेशे वाले अनाजों तथा उच्च किस्म के सलादों का सेवन। साथ ही नियमित रूप से आधे घंटे टहलना। यह आपके अच्छे कोलेस्ट्रोल यानी H.D.L. cholesterol को बढ़ाने में आपकी मदद कर सकता है।

तनाव में कमी:

मनोवैज्ञानिक तनाव को हार्ट अटैक की मुख्य वजह मानते हैं। तनाव के प्रभाव को कम करने के और दैनिक आधार पर सामना करने वाले तनाव का प्रबंधन के लिए स्वस्थ तरीके खोजें। इसके अलावा, पौष्टिक आहार योजना और daily exercise आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर पड़ने वाले तनाव को कम करने में मदद कर सकता है।

शराब का सेवन कम: 

american heart association के अनुसार, शराब का अत्यधिक सेवन high blood pressure ओर दिल की बीमारियों का नेतृत्व कर सकता हैं। हालांकि, कुछ अध्ययनों से पता चला है कि कम मात्रा में शराब के सेवन से cholesterol control  रहता है और इसलिए यह दिल के लिए फायदेमंद है।

इन प्राकृतिक उपचार के जरिए दिल के दौरे से मुक्ति पा सकते हैं-

-मिश्री और सूखा आंवला को बराबर मात्रा में पीसकर एक चम्मच फंकी नित्य पानी के साथ लेने से  दिल की बीमारी दूर होती है।

-दूध में पिसा हुआ आंवला घोलकर पीने से हृदय रोग की समस्या दूर होती है। यह एक दिन में दो बार पीने से लाभ होता है।

-नींबू को पानी में निचोड़कर कुछ दिनों तक नियमित सेवन करें। एैसा करने से दिल की बीमारी से मुक्ति मिलती है और दिल में जमी हुई गंदगी दूर हो जाती है।

-50 ग्राम उड़द की दाल रात को बर्तन में भिगों लें और सुबह इसको पीसकर आधा गिलास दूध में मिश्री घोलकर पीते रहने से दिल की कमजोरी दूर होगी और दिल को दौरे पड़ने की संभावना न के बराबर हो जाएगी।

-अपने खान पान में आप फलों जैसे अमरूद, अन्नास, मौसमी, लीची, सेब का इस्तेमाल करते रहें। सब्जियों में आप अरबी, चैलाई, का सेवन जरूर करें। सरसों के शुद्ध तेल से ही भोजन बनाएं। खाने में दही की मात्रा बढ़ाएं साथ ही शहद का सेवन करने से भी दिल की दुर्बलता दूर होती है।

-दिल को मजबूत और स्वस्थ बनाने के लिए देसी घी में गुड को मिलाकर खाने से फायदा होता है। गाजर भी दिल को मजबूत बनाता है। गाजर के रस में थोड़ा से शहद मिलाकर पीने से दिल स्वस्थ और मजबूत रहता है।

-लौकी का सेवन करना भी दिल की सेहत के लिए फायदेमंद होता है। लौकी को उबालकर उसमें जीरा, हल्दी का पाउडर और हरा धनियां डालकर कुछ देर तक पकाकर खाएं। यह हर्ट अटैक से दिल को बचाने में लाभकारी है।

-ठंडियों के मौसम में 3 से 4 काली मिर्च, चार बादाम और 5 से 6 तुलसी के पत्तों को पीसकर आधे कप पानी में डालकर पीते रहने से कुछ ही दिनों में दिल की कमजोरी दूर हो जाएगी।

-सौंठ, पके फालसे का रस और चीनी को मिलाकर पीते रहने से भी दिल के दौरे में निजात मिलता है।

विटामिन और फाइबर की वजह से बादाम दिल की बीमारी को दूर करने में मदद करता है। कोशिश करें की बादाम की गिरी दिन में 2 से 3 बार सेवन करें ।

-आंवले का मुरब्बा और सेब के जूस के सेवन से दिल स्वस्थ रहता है। और हर्ट अटैक की समस्या दूर होती है।

हार्ट अटैक में उपयोगी सब्जियां:

*गाजर:

गाजर का रस पीएं, या उसको सलाद के रूप में लें। गाजर का प्रयोग दिल के मरीज गाजर की सब्जी बनाकर भी उसका सेवन कर सकते हैं। यह दिल की बढ़ी हुई धड़कनों को कम करने में फायदा करता है।

*लहसुन:

हार्ट अटैक वाले मरीजों को लहसुन की 2 कलियां पानी के साथ सुबह खाली पेट निगलनी चाहिए।

*टमाटर:

यह विटामिन ए, सी और पोटेशियम से भरपूर होती है। इसलिए इसके प्रयोग करने से हर्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है।

कुछ बातों पर जरूर ध्यान दें

जितनी जल्दी हो सके धूम्रपान बंद करें।  उपर की मंजिल में चढ़ते हमेशा यह कोशिश करें आप सीढ़ियों का प्रयोग करें। थोड़ा दिन में टलहे जरूर। इन वैदिक उपयो से आप हार्ट अटैक की गंभीर बीमारी से बच सकते हो

हृदय की रुकावट के लिए पीपल का पत्ता ( Use Pipal Leaves to Cure Heart Blockage ):

आयुर्वेद का आधार प्रकृति है और प्रकृति हमे वो सब प्रदान करती है जिससे हमारा धरती पर जीवन यापन सरल और सफल हो पाता है. अगर हम किसी समस्या में पड जाते है तो प्रकृति के पास हमारी हर समस्या का समाधान भी होता है क्योकि प्रकृति में ऐसी अनेक जड़ी बूटियाँ और ओषधियाँ है जिनसे हर रोग को तुरंत ठीक किया जा सकता है. ऐसा ही एक रोग है ह्रदय रोग,किन्तु प्रकृति की औषधियों में से एक है पीपल, जिसको सभी देवतुल्य मानते है और उसकी पूजा करते है. इस पेड़ की पत्तियों का इस्तेमाल करके हृदय रोगों को भी दूर किया जा सकता है|

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पीपल के पत्ते की एक खास बात ये भी है कि इसकी पत्तियों का आकार भी दिल के ही समान होता है और इसीलिए इसे उन लोगों के लिए उत्तम माना जाता है जिनके दिल व रक्त शिराओं में ब्लॉकेज है. आज हम आपको पीपल के पत्तों से निर्मित एक ऐसे काढ़े के बारे में बताने जा रहे है जो हृदय को स्वस्थ रखता है, साथ ही ये काढा उन लोगों के लिए बहुत जरूरी है जिन्हें पहले हार्ट अटैक आ चुका है, क्योकि इस काढ़े को पीने के बाद दोबारा हार्ट आने के चांस ना के बराबर होते है.

प्रयोग विधि ( How to Use ) :

आप पीपल के करीब 15 से 20 हरे, कोमल और विकसित पत्ते लें और उनके नीचे व ऊपर वाले हिस्से को काट दें. अब आप पत्ते के बचे हुए हिस्से को साफ़ करें. अब आप एक गिलास पानी लें और उसमें सभी पत्तों को डालकर धीमी आंच पर पकने के लिए छोड़ दें. जब आपको उबल उबालकर 1/3 रह जाएँ तो आप उसे आंच से उतारे और ठंडा होने के लिए छोड़ दें. आप पानी को छाने, इस तरह एक काढा तैयार हो जाता है.

अब आप तैयार काढ़े को तीन बराबर हिस्सों में बाँट लें और अगले दिन प्रातःकाल आप थोडा हल्का नाश्ता लें और पहला हिस्सा पियें. अगले दोनों हिस्सों को आप 3– 3 घंटों के अन्तराल पर ले लें. इस तरह आपका हृदय स्वस्थ होता है. जिस व्यक्ति को पहले हार्ट अटैक आया है, ये काढा पीने के बाद उसे दोबारा हार्ट अटैक आने की संभावना भी खत्म हो जाती है. इसीलिए हर दिल के रोगी को इस काढ़े को एक बार अवश्य प्रयोग करना चाहियें.

परहेज ( Beware of these ) :

इस उपाय को अपनाते वक़्त आपको कुछ बातों को स्मरण रख उनका परहेज भी करना होता है जैसे कि आप तली हुई, व मसालेदार चीजों से दूर रहें. चावल, मांस, अंडे,मछली ना लें. कोई भी नशा जैसे शराब, धुम्रपान इत्यादि आपको और अधिक हानि पहुंचा सकता है तो इनसे भी बचकर रहें.

इनके स्थान पर आप हरा साग जैसेकि लें, लहसुन,आंवला, पपीता, मेथी, अनार, सेब का मुरब्बा, मौसमी इत्यादि आपके लिए बहुत लाभदायी होते है, साथ ही आप भिगोये गएँ काले चने, दही, छाछ इत्यादि भी ले सकते है. आप अदरक का सेवन भी अवश्य करें क्योकि अदरक खून को पतला करती है और ब्लॉकेज होने की संभावना को दूर करती है.

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