हेल्थ

चिकनगुनिया के लक्षण और रोकथाम, उचित आहार के साथ दर्द का घरेलु इलाज

चिकनगुनिया क्या है? 

चिकनगुनिया (Chikungunya in Hindi) एक वायरल डिजीज है जो मच्छरों द्वारा काटने से फैलती है। पहली बार चिकनगुनिया के लक्षण को 1952 में दक्षिणी तंजानिया में रिपोर्ट किया गया था। और अब ये बीमारी दुनियाभर के 60 से अधिक देशों में फ़ैल चुकी है। एक बार फैलने के बाद अक्सर यह बीमारी 7-8 साल के इंटरवल के बाद दुबारा फैलती है।

इस बीमारी का नाम चिकनगुनिया कैसे पड़ा?

“Chikungunya” शब्द Southern Tanzaniya में बोले जाने वाली Kimakonde / Makonde भाषा से लिया गया है, जिसमे इसका अर्थ “ ,मुड़ा हुआ” या “विकृत” होता है। दरअसल, चिकनगुनिया से त्रस्त लोगों को भयंकर जॉइंट पेन से गुजरना पड़ता है और ऐसे में वे ठीक से चल नहीं पाते और अक्सर झुक-झुक कर चलते हैं, यही कारण है की इस बीमारी को Chikungunya का नाम दिया गया।

चिकनगुनिया फैलता कैसे है?

जब चिकनगुनिया से ग्रसित किसी आदमी को कोई मच्छर काटता है और फिर वही मच्छर किसी और आदमी को काट लेता है तो दुसरे व्यक्ति को भी चिकनगुनिया हो जाता है। मादा मच्छर ( Aedes Aegypti और  Aedes albopictus) मच्छर की प्रमुख प्रजातियाँ हैं जो इस बीमारी को फैलाती हैं । ये मच्छर दिन में काटते हैं। Chikangunya का वायरस कैरी करने वाला एक मच्छर अपने जीवन काल में करीब 1 दर्जन लोगों को इन्फेक्ट कर सकता है। They are really dangerous. Aren’t they?

चिकनगुनिया से बचने के उपाय / Prevention of Chikungunya 

  • चिकनगुनिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को केवल मच्छरों के काटने से फ़ैल सकता है, इसलिए जहाँ तक हो सके मच्छरों  के काटने से बचें।
  • घर में या आस-पास जल-जमाव ना होने दें।
  • मच्छरदानी का प्रयोग करें, दिन के समय भी!
  • दिन में भी mosquito repellents, like Good Knight, Mortein जला कर रखें।
  • बाहर जाते समय ओडोमॉस का प्रयोग किया जा सकता है।
  • ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर का अधिक से अधिक भाग ढक सकें।
  • कुछ दिनों तक बच्चों को बाहर खलने न भेजें।

चिकनगुनिया के लक्षण / Chikungunya Symptoms in Hindi 

इसके शुरूआती लक्षण डेंगू से मिलते-जुलते हैं और आम तौर पर ये जानलेवा नहीं होता। लेकिन इसकी वजह से होने वाला जॉइंट पेन महीनो तक परेशान कर सकता है। यदि एक बार आपको चिकनगुनिया हो गया तो शरीर इसकी प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है और बहुत rare है कि लाइफ में आपको दुबारा ये बीमारी होगी।

Chikungunya के लक्षण infected mosquito के काटने के 3 से सात दिन बाद दिखाई देते हैं; इसके symptoms निम्नलिखित हैं:

  • अचानक से बुखार हो जाना  

चिकनगुनिया होने पर सबसे पहले व्यक्ति में जो पहला लक्षण नजर आता हैं वह हैं “तेज़ बुखार”. आपको अचानक तेज बुखार आएगा जिसका तापमान 102 डिग्री से 104 डिग्री तक हो सकता हैं. यह चिकनगुनिया का बुखार अचानक आता हैं, तो अगर किसी भी व्यक्ति को ऐसे अचानक तेज बुखार आये तो आप उसे तुरंत डॉक्टर को दिखाए. ऐसे अचानक तेज बुखार आना डेंगू, चिकनगुनिया आदि महामारी जैसे रोगों के लक्षण में से एक होता हैं.

  • जोड़ों में बहुत अधिक दर्द होना

चिकनगुनिया बुखार का यह एक ऐसा लक्षण हैं जो किसी और रोग में नजर नहीं आता हैं. चिकनगुनिया बुखार में शरीर के सभी जोड़ों में दर्द होने लगता हैं. यह दर्द धीरे-धीरे बहुत तेज हो जाता हैं, शरीर के सभी जोड़ों में फेल जाता हैं. इसके अलावा चिकनगुनिया में जब हम हाथ पैर को मोड़ते हैं यानी मूवमेंट करते हैं तो भी दर्द होता हैं. तो अगर आपके तेज बुखार के साथ आपके जोड़ों में दर्द होने लगे तो तुरंत समझ जाए की आपको चिकनगुनिया बुखार ही हैं.

  • रेशेज होना (signs & Symptoms of chikungunya fever)

ज्यादातर चिकनगुनिया के रोगियों को शरीर पर चकत्ते पड़ने लग जाते हैं ऐसा सभी रोगियों के साथ नहीं होता लेकिन ज्यादातर रोगियों के शरीर पर चकत्ते निकल आते हैं. यह चक्क्ते रोगी के चहरे, हाथों की हथेली, जांघो आदि पर दिखाई देने लगते हैं. ठीक ऐसे ही चकत्ते डेंगू बुखार में भी होते हैं लेकिन डेंगू में यह चकत्ते सिर्फ चहरे पर ही होते हैं. अगर आपको चकत्ते के सहित तेज बुखार और जोड़ों में दर्द हो रहा हो तो तुरंत ही डॉक्टर से मिलना चाहिए क्योंकि यह चिकनगुनिया के लछण हैं

  • संक्रमण के कारण सर में तेज दर्द होने लगता हैं
  • चिकनगुनिया में जोड़ों के दर्द के साथ मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द भी होने लगता हैं
  • रोगी को चक्कर भी आने लगते हैं, ऐसे में रोगी को कोई भी मेहनत का काम नहीं करना चाहिए
  • उलटी आने जैसा मन होना या उलटी हो जाना भी इसी के लक्षण हैं
  • मांसपेशियों में दर्द
  • थकान
  • उल्टी
  • सर दर्द
  • शरीर पर छोटे-छोटे लाल धब्बे ( red spots)
  • नवजात बच्चे और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए ये बीमारी घातक हो सकती है, साथ ही जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबीटीज या हृदय रोग है उनके लिए भी चिकनगुनिया खतरनाक हो सकता है।

बताये गए लक्षण (symptoms in Hindi) अगर किसी भी व्यक्ति में नजर आने लगे तो उसे चिकनगुनिया बुखार हैं ऐसा समझ लेना चाहिए, इसके बाद उसे तुरंत ही नजदीक डॉक्टर के पास जाकर ब्लड टेस्ट करवाना चाहिए और प्राथमिक उपचारकरना चाहिए. इस रोग में जितनी देर इलाज के लिए की जायेगी उतना ही आपको नुकसान उठाना पड़ेगा, शरीर उतना ही क्षीण होता जायेगा. बच्चों में भी यह लक्षण इसी तरह दिखाई पड़ते हैं, उन्हें भी इन सभी तकलीफों से गुजरना पड़ता हैं.

चिकनगुनिया के घरेलू उपचार

अक्सर देखा जाता हैं की चिकनगुनिया के रोगी को ग्लूकोस की कमी हो जाती और उसे डिहाइड्रेशन का खतरा भी बना रहता हैं तो ऐसे में आप उन सभी पदार्थों का सेवन करे जिनमे विटामिन C और विटामिन D मिलता हो जैसे नारियल पानी, कच्ची गाजर का रस, पालक की सब्जी, सब्जियों का सूप, टमाटर का रस, पपीता के पत्तों का रस आदि चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए लाभप्रद होते हैं.

  1. रोजाना दिन में तीन से चार बार तक एक-एक गिलास नारियल पानी पीते रहे, नारियल पानी एक चिकनगुन्या बुखार में डिहाइड्रेशन से बचाता हैं, और लिवर की सफाई भी करता हैं. नारियल पानी सिर्फ चिकनगुनिया का घरेलु इलाज ही नहीं बल्कि डेंगू व पीलिया जैसे रोगों का उपचार भी करता हैं. इसके सेवन से शरीर में मौजूद सभी विषाक्त पदार्थ मल मूत्र के जरिये बाहर निकल जाते हैं. इसलिए हमारी आपको सलाह हैं की आप चिकनगुन्या में नारियल पानी का प्रयोग जरूर करे यह हर प्रकार से बुखार को ख़त्म करने में और आपकी सेहत को बनाये रखने में मदद करता हैं
  2. पपीता के पत्तों का रस भी पिए , पपीता के पत्ते का यह प्रयोग घटती हुई प्लेटलेट्स की संख्या तेजी से बढाने में रामबाण होता हैं. यह उपाय डेंगू जैसे बुखार में भी अत्यंत रामबाण साबित होता हैं. चिकनगुनिया बुखार के उपचार के साथ-साथ पपीता के पत्तों का रस शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को भी बढ़ाती हैं.
  3. तुलसी का काढ़ा बनाओ उसमे नीम की गिलोय भी मिला दो, थोड़ी सी सोंठ जिसे हम सुखी अदरक कहते हैं वह भी मिला दो इसके साथ छोटी पीपर भी सामान्य मात्रा में मिला दो इसके बाद आखिर में इसके काढ़े के कड़वेपन को मिटाने के लिए थोड़ा सा गूढ़ भी मिला दीजिये. अब इस काढ़े को बनाकर प्रयोग करे,  इस काढ़े की मात्र तीन खुराक लेने से चिकनगुनिया दूर हो जाता हैं
  4.  गिलोय के कैप्सूल या जूस पिए,  गिलोय भी एक रामबाण उपचार होती हैं चिकनगुनिया बुखार में, क्योंकि इसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की अदभुत क्षमता होती हैं और यह घटती प्लेटलेट्स की संख्या को तेजी से बढ़ाने में भी मदद करती हैं. यह हर रूप से चिकनगुनिया का उपचार करने के लिए रामबाण हैं. गिलोय के कैप्सूल लें, आयुर्वेदिक स्टोर्स पर आपको यह आसानी से मिल जायेंगे, रोजाना खाना खाने के बाद सुबह व शाम दोनों समय करीबन 2 गिलोय की गोलियां/कैप्सूल्स लें. यह एक ग्राम की मात्रा में गिलोय का सेवन चिकनगुनिया का जड़ से इलाज करने के लिए काफी हैं, बहुत असरकारी हैं.
  5. लहसुन दिलाएगा चिकनगुनिया के दर्द से राहत, सबसे पहले लहसुन का पेस्ट बनाने के लिए लहसुन की कलियां छील कर उन्हें निकाल लें, अब कलियों को किसी साफ़ जगह पर रखकर पानी के साथ पीस लें. यानी लहसुन का पानी के साथ पेस्ट बना लें. इसका पेस्ट बना लेने के बाद आपके शरीर में जहां-जहां पर जोड़ों में दर्द हो रहा हों वहां पर इस पेस्ट को लगा दें. इस पेस्ट को 1-2 घंटे तक लगाकर रखना हैं, रोजाना दिन में दो से तीन बार तक इस प्रयोग का इस्तेमाल करना हैं. लहसुन का आयुर्वेद में उच्च स्थान हैं, यह चिकनगुन्या बुखार में हो रहे जोड़ों में दर्द को ख़त्म करने के लिए रामबाण उपचार हैं. यह चिकनगुनिया के बुखार के इलाज के साथ-साथ इस बुखार से हो रहे जोड़ों में दर्द का उपचार करता हैं. यह बहुत ही आवश्यक उपाय हैं, क्योंकि चिकनगुन्या बुखार के ठीक हो जाने 2-3 महीने बाद तक जोड़ों में दर्द बना रहता हैं इसलिए यह एक उपयोगी नुस्खा हैं.
  6. हल्दी से करे मालिश (Turmeric Ayurvedic Treatment), चिकनगुन्या का यह सरल आसान उपचार हैं, आपको सिर्फ सुबह और शाम दोनों समय हल्दी का दूध पीना हैं. एक गिलास गरम दूध में 1/2 चम्मच हल्दी मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें. अच्छे से मिक्स करने के बाद आप इसका सेवन कर लीजिये ऐसा आपको रोजाना सुबह के समय और रात को सोने से पहले करना हैं.
  7. बर्फ का सेंक मिटाएगा दर्द को, सबसे पहले बर्फ के टुकड़े लें और इन्हें बारीक-बारीक पीस ले और इन बारीक टुकड़ों को टॉवल में रख लें. अब इस बर्फ के टुकड़े से भरे टॉवल को आपके शरीर में जहां कहीं भी दर्द हो रहा हो वहां पर रखे और सेंक करे. ऐसा आपको रोजाना नियमित रूप से दिन में दो से तीन बार तक करना हैं. इस तरह चिकनगुनिया में दर्द देने वाले स्थान पर बर्फ का सेंक करने से दर्द का इलाज हो जाता हैं. यह अब तक के बताये गए घरेलु उपचार में सबसे आसान उपाय हैं
  8. टमाटर का सेवन करे, इसका रस पिए और सलाद भी लें
  9. कच्ची गाजर खाये
  10. लोकि की सब्जी और लोकि का रस पिए

चिकनगुनिया में खान पान पर भी दें ध्यान :

  • Chikungunya में ज्यादा से ज्यादा तरल चीजों का सेवन करे
  • नारियल पानी, संतरे का रस, अंगूर का रस, सब्जियों का सूप, शोरबा आदि का ज्यादा से ज्यादा सेवन करे
  • Vitamin C से भरपूर पदार्थों का सेवन ज्यादा करे जैसे आंवला, अनानास, पपीता, अमरुद, शिमला मिर्च, मोसम्बी आदि इस रोग में
  • जितना तरल और Vitamin C का सेवन करेंगे उतना ही कम नुकसान आपके शरीर को होगा.
  • इसके साथ ही Vitamin A से भरपूर चीजों का सेवन भी करे, पिले और नीले रंग की सब्जी व फल भी खाये इनमे Vitamin A पाया जाता हैं यह शरीर में संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं को बढ़ाते हैं.
  • रोजाना गाय के दूध में थोड़ी किशमिश मिलाकर खाये इसके सेवन से भी चिकनगुन्या का ट्रीटमेंट होता हैं
  • इसके अलावा आप ज्यादा से ज्यादा कच्ची गाजर खाये यह चिकनगुनिया में रामबाण उपचार का काम करती हैं
  • तेज मसालेदार चीजों का सेवन बिलकुल भी न करे
  • तेल से बनी चीजों का सेवन न के बराबर करे
  • दारु, सिगरेट आदि नशीली चीजों के सेवन से भी बचे
  • बाजार को चीजों का सेवन न करे
  • दिन में तीन से चार बार नारियल पानी अवश्य पिए

About the author

Abhishek Purohit

Hello Everybody, I am a Network Professional & Running My Training Institute Along With Network Solution Based Company and I am Here Only for My True Faith & Devotion on Lord Shiva. I want To Share Rare & Most Valuable Content of Hinduism and its Spiritualism. so that young generation May get to know about our religion's power

Add Comment

Click here to post a comment

Author’s Choices

हर कष्टों के निवारण के लिए जपे ये हनुमान जी के मंत्र, श्लोक तथा स्त्रोत

सूर्य नमस्कार : शरीर को सही आकार देने और मन को शांत व स्वस्थ रखने का उत्तम तरीका

कपालभाति प्राणायाम : जानिए करने की विधि, लाभ और सावधानियाँ

डायबिटीज क्या है, क्यों होती है, कैसे बचाव कर सकते है और डाइबटीज (मधुमेह) का प्रमाणित घरेलु उपचार

कोलेस्ट्रोल : कैसे करे नियंत्रण, घरेलु उपचार, बढ़ने के कारण और लक्षण

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग : उत्तराखंड के चार धाम यात्रा में सबसे प्रमुख और सर्वोच्च ज्योतिर्लिंग

गृह प्रवेश और भूमि पूजन, शुभ मुहूर्त और विधिपूर्वक करने पर रहेंगे दोष मुक्त और लाभदायक

लघु रुद्राभिषेक पूजा : व्यक्ति के कई जन्मो के पाप कर्मो का नाश करने वाली शिव पूजा

तो ये है शिव के अद्भुत रूप का छुपा गूढ़ रहस्य, जानकर हक्के बक्के रह जायेंगे

शिव मंत्र पुष्पांजली तथा सम्पूर्ण पूजन विधि और मंत्र श्लोक

श्रीगणेश प्रश्नावली यंत्र के 64 अंकों से जानिए अपनी परेशानियों का हल